दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मुनिरका इलाके में शुक्रवार रात आईईएस (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेस) अधिकारी प्रणब तिवारी (25) का शव फांसी पर लटका मिला। मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा निवासी प्रणब का शव शुक्रवार रात उनके किराए के फ्लैट में मिला। उनके पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
दिल्ली में रहने वाले प्रणब के मामा प्रतीक ने पुलिस को बताया कि 2017 में प्रणब का यूपीएससी का इंटरव्यू खराब हुआ था। इससे वह आईएएस नहीं बन पाए थे और आईईएस में चयन हुआ था। तभी से वह निराश थे। पुलिस उनके फांसी लगाने की आशंका जता रही है।
पुलिस के मुताबिक, प्रणब तीन अन्य आईईएस बैचमेट के साथ पहली मंजिल के बीजी-13ए, डीडीए फ्लैट मुनिरका में रहते थे। परिवार में पिता ऋषि कुमार तिवारी व अन्य सदस्य हैं। आईईएस में चयन होने के बाद प्रणब ने जल संसाधन विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर 25 जनवरी को ज्वाइन किया था।
प्रणब के साथ तीन बैचमेट धीरज पांडेय, देवेंद्र पटेल और विवेक रहते थे। शुक्रवार शाम धीरज और देवेंद्र साकेत के मॉल में घूमने चले गए, जबकि विवेक अपने गांव चला गया। रात करीब 9 बजे धीरज व देवेंद्र घर पहुंचे तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद दोनों ने पड़ोसियों की मदद से फ्लैट के पीछे की बालकनी से अंदर झांका तो प्रणब को फंदे से लटका देखा।
रात 10.45 बजे सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर फ्लैट से प्रणब का शव बरामद किया। शव पर किसी भी तरह की चोट के निशान नहीं हैं। पूछताछ में देवेंद्र व धीरज ने बताया कि प्रणब डिप्रेशन के शिकार थे। पुलिस ने उनके परिवार को सूचना दे दी है। परिवार के दिल्ली आने पर शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा