गुलाल और सिंदूर से सराबोर हुए श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में बुधवार को मां दुर्गा की प्रतिमाओं का धूमधाम और श्रद्धा के साथ विसर्जन किया गया। दुर्गा पूजा पंडालों में पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालु मां की प्रतिमाओं को जुलूस के रूप में विसर्जन स्थलों तक लेकर पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को विदाई दी। इस दौरान गुलाल और सिंदूर खेलकर भक्तों ने उत्सव की खुशियां साझा कीं। यमुना नदी में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध होने के कारण श्रद्धालुओं ने निर्धारित तालाबों, नहरों और अन्य वैकल्पिक स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
चितरंजन पार्क, करोल बाग, कालीबाड़ी पुल, मिंटो रोड, द्वारका, चांदनी चौक और कापसहेड़ा समेत राजधानी के विभिन्न इलाकों में बने दुर्गा पूजा पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाया और गुलाल से होली खेली। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं को सजाए गए वाहनों और जुलूसों के साथ विसर्जन के लिए रवाना किया गया।
विसर्जन जुलूसों के दौरान भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। कई स्थानों पर ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया गया। मां की प्रतिमा के साथ श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को भी गुलाल और सिंदूर लगाया। धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवी माहौल के बीच भक्तों ने अगले वर्ष मां के फिर आगमन की कामना की। यमुना में प्रतिमा विसर्जन पर प्रतिबंध के चलते श्रद्धालुओं ने पश्चिमी यमुना नहर, ढांसा स्थित नजफगढ़ ड्रेन और बवाना नहर समेत अन्य निर्धारित स्थलों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर बने तालाबों और विसर्जन स्थलों का भी इस्तेमाल किया गया। श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए मां दुर्गा को विदाई दी और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।