नगर निगम ने अपनी हालत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन पर एक लाख रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया है और वह जमा नहीं करा रहे हैं। ऐसे संपत्ति मालिकों की संख्या 890 है।
इनसे तकरीबन 26 करोड़ रुपये टैक्स वसूला जाना है। इन 890 संपत्ति मालिकों में से 116 ऐसे भी हैं, जिन पर तीन लाख रुपये से लेकर 22 लाख रुपये तक बकाया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि पहले उन लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा, जो बड़े बकायेदार हैं। नोटिस के बाद जो बकायेदार टैक्स जमा नहीं कराएगा, उनकी प्रॉपर्टी सील की जाएगी।
ज्ञात हो कि नगर निगम चुंगी टैक्स खत्म होने के बाद लगातार आर्थिक तंगी से जूझता रहा है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि निगम अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं दे पाता। विकास कार्य कराने की बात दूर की है।
शहर की सभी प्रॉपर्टी का होगा सर्वे
निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि अब तक निगम के पास करीब सवा दो लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड है, जिनमें से एक लाख 80 हजार प्रॉपर्टी का सर्वे कर उसे ऑनलाइन कर दिया गया है। सेक्टर-21बी का सर्वे पूरा होने के बाद निगम ने अब पूरे शहर की सभी प्रॉपर्टी का सर्वे कराने का फैसला किया है। उम्मीद है कि निगम सीमाक्षेत्र में प्रॉपर्टी की संख्या बढ़कर करीब साढ़े चार लाख तक पहुंच गई है।
नोटिस बनकर तैयार, जल्द जारी होगा
पिछले दिनों एक करोड़ से अधिक संपत्ति कर बकाया मामले में मथुरा रोड स्थित एक शोरूम को सील करने और उसके बाद टैक्स जमा होने पर निगम अधिकारी उत्साहित हैं। कराधान अधिकारी रतनलाल रोहिला का कहना है कि नोटिस बनकर तैयार है, जल्द ही जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद जिन लोगों ने अपना टैक्स जमा नहीं कराया, उनकी संपत्ति सील करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि अभी भी लोगों के पास मौका है, बगैर नोटिस के टैक्स जमा करा सकते हैं। इसके बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा। फिर चाहे वह निजी संस्था अथवा प्रापर्टी हो या फिर सरकारी संपत्ति।
निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए नगर निगम को कुछ ठोस कदम उठाने पड़ेंगे, क्योंकि जब तक निगम के पास पैसे नहीं होंगे, विकास कार्य कराना भी मुश्किल होगा। ऐसे में संपत्ति मालिकों से अपील है कि वह अपना बकाया समय रहते जमा कराएं।
-डॉ. आदित्य दहिया, निगमायुक्त नगर निगम