राजधानी में संक्रमण के दैनिक मामलों में भले ही कमी आ रही हो, लेकिन अस्पतालों में भर्ती होने वाले गंभीर मरीज बढ़ रहे हैं। दो बड़े कोविड अस्पतालों के 40 फ़ीसदी आईसीयू और वेंटिलेटर बेड भर गए हैं। इनमें अधिकतर वह मरीज हैं जो गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए थे।
राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉ अजीत जैन ने बताया कि दस दिन से अस्पताल में गंभीर मरीज बढ़ रहे हैं। आईसीयू के 40 फ़ीसदी बेड भर गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय अस्पताल में कुल 400 बेड आईसीयू के हैं। इनमे से 180 पर मरीज भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर मरीज वो हैं, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। समान्य कोविड वार्ड से आईसीयू में स्थानांतरित होने वाले मरीजों कम हैं।
जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर एस रौतेला ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज बढ़ रहे हैं। इनमें अधिकतर वह हैं, जिनकी उम्र 50 साल से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीज गंभीर हालात में ही अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।एम्स के डॉक्टर अमरिंदर सिंह ने कहा कि जो घर पर ही इलाज करा रहे हैं। वह गंभीर हालत होने पर ही अस्पताल में आ रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। जैसे ही शरीर में परेशानी बढ़े या ऑक्सीजन की मात्रा कम लगे, तो तुरंत अस्पताल में पहुंच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोग लापरवाही बरत रहे हैं और अस्पताल में देरी से आ रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें तुरंत आईसीयू या वेंटिलेटर पर रखना पड़ रहा है।