-सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पैलिएटिव केयर सेवाओं के विस्तार और विकास के लिए कई राज्यों में व्यापक अध्ययन होगा शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए देखभाल सेवाओं की कमी को देखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इसके तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में पैलिएटिव केयर सेवाओं के विस्तार और विकास के लिए कई राज्यों में व्यापक अध्ययन शुरू किया जाएगा। आईसीएमआर द्वारा प्रस्तावित अध्ययन का उद्देश्य जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और घरेलू देखभाल के स्तर पर ऐसे पैलिएटिव केयर मॉडल विकसित करना है, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। इस अध्ययन में सभी आयु वर्ग और विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को शामिल किया जाएगा।
यह पहल आकलन करेगी कि नियमित स्वास्थ्य सेवाओं में पैलिएटिव केयर को शामिल करने से मरीजों की तकलीफ कम करने, अस्पताल में भर्ती की दर घटाने और परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में कितनी मदद मिलती है। आईसीएमआर ने इस अध्ययन में भागीदारी के लिए शोध टीमों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। चयनित टीमें राज्य सरकारों के साथ मिलकर मॉडलों को तैयार और लागू करेंगी। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पैलिएटिव केयर की जरूरत वाले एक प्रतिशत से भी कम मरीजों को ही सुविधा मिल पाती है। पैलिएटिव केयर, कैंसर, न्यूरोलॉजिकल विकार और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के दर्द को कम करने और उनके जीवन की गुणवत्ता सुधारने पर केंद्रित होती है।