उन्होंने एलजी से अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए आरोपी विधायकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। मनीषा सक्सेना ने आधी रात को बुलाई गई इस बैठक को पूर्वनियोजित और आपराधिक षड्यंत्र करार दिया।
मनीषा ने आम आदमी पार्टी के दावों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि यह बैठक राशन को लेकर नहीं बल्कि दिल्ली सरकार के तीन साल पूरा होने के उपलक्ष्य में बने एक विज्ञापन से उपजे विवाद को खत्म करने के लिए ही बुलाया गया था।
जब चीफ सेक्रेटरी अंशू प्रकाश वहां पहुंचे तो उनके साथ बदसलूकी और हाथापाई की गई। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ समय से दिल्ली के अधिकारियों के साथ इस तरह की बदसलूकी की जा रह है लेकिन हम फिर भी बिना किसी भेदभाव के काम किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने ये जानकारी भी दी कि वह आज दोपहर में गृहमंत्री से भी मिलेंगी और जरूरत पड़ी तो राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें भी इस बात की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग करेंगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अधिकारी हड़ताल पर जाएंगे तो वो बोलीं कि नहीं हम काम करेंगे। हम काम करेंगे लेकिन काली पट्टी बांधकर। हम दिल्ली के लोगों को कोई परेशानी नहीं होने देंगे। जैसे हम हमेशा काम करते रहे हैं वैसे ही काम करते रहेंगे।