बीफ को लेकर देश में चल रही सियासत के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोमांस न खाने की वकालत की है। हालांकि, केजरीवाल का मानना है कि इसके लिए नफरत फैलाने की जगह लोगों से संवाद करने का तरीका अपनाना होगा।
रविवार शाम मुख्यमंत्री बाहरी दिल्ली के घुमनहेड़ा गांव की धन्यवाद रैली में बोल रहे थे। रैली का आयोजन किसानों के हक में उठाए गए कदमों पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने के मकसद से किया गया था।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस वक्त देश में कुछ लोग नफरत की राजनीति कर रहे हैं। लेकिन आप और उसकी सरकार इसमें यकीन नहीं रखती।
मैं खुद गाय की पूजा करता हूं
बकौल केजरीवाल, मैं खुद गाय की पूजा करता हूं। लेकिन अगर कोई मांस खाता है तो उसे समझाने की कोशिश करूंगा। जबकि कुछ लोग इस मसले पर हत्या कर देते हैं।
हिंदू धर्म के लोगों को भगवान राम से त्याग की प्रेरणा लेनी चाहिए, न कि हिंसा की। उन्होंने फिर दोहराया कि दिल्ली सरकार ने किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया है।
दिल्ली सरकार देश की पहली सरकार है जिसने किसानों को इतना मुआवजा दिया है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए ने उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भी जवानों और किसानों दोनों का सम्मान करती है।
देश में भ्रष्टाचार खत्म करने आए हैं
वहीं, भ्रष्टाचार पर नो टोलरेंस पॉलिसी पर चलने का दावा करते हुए कहा कि वह देश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आए हैं। दिल्ली से ईमानदार राजनीति की शुरुआत हुई है।
केंद्र के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर कहा कि सरकार अपना काम ईमानदारी से कर रही है। लेकिन हमें काम नहीं करने दिया जा रहा। अभी हाल ही में बिना पूछे वैट कमिश्नर का तबादला कर दिया गया।
इसकी वजह यह थी कि कमिश्नर ने एक बड़े हवाला कारोबारी की चोरी पकड़ी थी।