अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा। केजरीवाल के मुताबिक, अब जो आरोप लगाया जा रहा है कि केजरीवाल ने मारापीटा, वह गलत है। केजरीवाल जिद्दी हो सकता है, हिंसात्मक कभी नहीं होगा। हिंसा कायर करते हैं, केजरीवाल कायर नहीं है।
अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, घटनाक्रम पर एक झूठ फैलाया जा रहा है। यह बड़े षडयंत्र का हिस्सा है। अगले दिन कर्मियों को भड़काया जाता है। राष्ट्रपति रिपोर्ट तलब कर लेते हैं। लगता है कि दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगने वाला है। सियासी हमलों का जवाब सियासी स्तर पर दिया जायेगा। लेकिन कर्मचारियों को उन पर भरोसा करना चाहिये था।
आखिर में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने आधा रात को अपने घर बुलाकर उनके ऊपर हमला करवाया। पहली बात तो यह आरोप सरासर गलत है। लेकिन एक बात कहना चाहता हूं कि अगर हमला करवाना ही था तो मैं इतना बेवकूफ भी नहीं, अपने घर बुलाकर अपनी मौजूदगी में हमला करवाता।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
इस मौके अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के कर्मियों के लिये किए गये कामों की चर्चा की। बकौल केजरीवाल, बीते 3 सालों में सभी स्तर के कर्मचारी के मुद्दे सामने आये। पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि जब भी कोई मामला सामने आया, जितनी तत्परता के साथ उस मामले को डील किया गया, उतना किसी दूसरी सरकार नहीं कर सकती।
केजरीवाल ने दिल्ली के कर्मचारियों व अधिकारियों को अपने परिवार का सदस्य बताया। साथ ही कहा कि बगैर कर्मियों के सहयोग के वह और उनके मंत्री तीन साल में हुआ कमाल की बात नहीं कर पाते।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीते दस दिनों में सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात से हुयी कि दिल्ली के कर्मचारियों, परिवार के सदस्यों ने ही उन पर शंका की। लोगों ने उनसे बात करना भी जरूरी नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि एक बार उनसे मिलकर बात कर लेते, सच्चाई पता लग जाती। अगर मुख्यमंत्री से मिलने का समय न मिलता, तो गलती होती। केजरीवाल ने आगे से कोई गलतफहमी होने पर बातचीत करने की सलाह भी कर्मियों को दी।