एसीजेएम कोर्ट में एक महिला ने व्यापारी पति के खिलाफ शिकायत दी थी। उसका कहना है कि उसके पति ने उसे मोटी होने पर छोड़ दिया है। वह उसे मोटी कहकर बोलता है। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया था। एसीजेएम अदालत ने महिला थाने को आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
गोविंदपुरम की रहने वाली एक पारूल गर्ग की मार्च 2018 में बुलंदशहर के सिकंदराबाद के रहने वाले अभिनव गर्ग से शादी हुई थी। पारुल का आरोप है कि शादी के बाद वह थोड़ी हेल्दी हो गई थी, जिसके बाद उसका पति उसे मोटी कहकर बुलाना लगा। दो महीने बाद ही उसे घर से निकाल दिया।
इसके बाद उसने जनवरी 2019 में एक बच्ची को जन्म दिया, जिसे लेकर वह एक बार फिर सुसराल गई। लेकिन उसके पति ने अपनी बच्ची को अपना होने से मना कर दिया, जिसके बाद उसके साथ मारपीट की। वह मायके आ गई और महिला थाने में पति के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद उसने घरेलू हिंसा का कोर्ट में केस दर्ज कराने की शिकायत दी। उसका कहना है कि इस बीच उसके ससुराल के लोगों ने उसे मारने की कोशिश भी की है। इस मामले में महिला थाने में पति, ससुर, सास बबीता, ननद आयुर्षि गर्ग और देवर आकाश गर्ग के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।