श्रद्धा वॉकर जैसा करना चाहता था हश्र
धनराज पेशे से रैपिडो बाइक टैक्सी चालक है। दरअसल दीपा की एक अन्य युवक से दोस्ती थी। इस बात से धनराज काफी खफा था। 29 दिसंबर की रात को झगड़े के दौरान आरोपी ने दीपा की गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में पत्नी के मुंह को टेप से बांध दिया। इसके बाद शव को बेड के बॉक्स में छिपा दिया। आरोपी श्रद्धा वाकर की तरह शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसको ठिकाने लगाना चाहता था। इसके लिए उसने अपने तीन दोस्तों से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने डर की वजह से मना कर दिया। इससे पहले की वह शव के टुकड़े कर पाता, हत्याकांड का खुलासा हो गया। आरोपी पहले आगरा गया। वहां से जयपुर और फिर अमृतसर में रहा। अंत में दिल्ली पहुंचने पर उसे दबोच लिया गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
मृतका के पिता के पहुंचने से चौपट हुई योजना
आरोपी मृतका के शरीर के टुकड़े करके उन्हें फेंकना चाहता था। लेकिन ऐन मौके पर मृतका के पिता के अपनी बेटी की तलाश में पहुंचने से योजना चौपट हो गई। द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि तीन जनवरी को दीपा के पिता अशोक चौहान ने उसकी हत्या की जानकारी पुलिस को दी थी। दीपा का शव पहली मंजिल स्थित फ्लैट के कमरे में रखे बेड के भीतर मिला था।
कबूल की हत्या की बात
छानबीन के दौरान पता चला कि महिला का पति फरार है। पुलिस को दीपा का फोन भी नहीं मिला। लोकल पुलिस के अलावा एंटी नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर सुभाषचंद व अन्यों की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की इस बीच टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी पांच जनवरी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अमृतसर, पंजाब से वापस लौट रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
जिस बेड में रखा था शव उस पर ही सोया पांच रात...
आरोपी धनराज ने झगड़े के दौरान 29 दिसंबर की रात को दीपा की हत्या कर दी। शव को बेड के भीतर डालकर आरोपी पांच रात उसी पर सोता रहा। जब शव को ठिकाने लगाने में कामयाब नहीं हुआ तो तीन जनवरी को उसने दिल्ली छोड़ दी।
महिला के दोस्त की करना चाहता था हत्या...
करीब पांच साल पहले दीपा और धनराज की शादी हुई थी। धनराज पढ़ा-लिखा नहीं था, वह रैपिडो चलाता था। इसकी पत्नी पढ़ी-लिखी थी और एक निजी कंपनी में नौकरी कर अच्छा कमाती थी। धनराज को शराब की लत थी। इस बात पर दोनों के बीच झगड़ा होता था। दीपा की किसी और युवक से दोस्ती थी। वह दीपा के दोस्त की भी हत्या करना चाहता था। इसीलिए वह दिल्ली पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
यूपीआई ट्रांजेक्शन से मिला सुराग...
आरोपी हत्या के बाद तीन जनवरी को फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। इस बीच आरोपी ने जनकपुरी से यूपीआई ट्रांजेक्शन की। मोबाइल बंद करने के बाद भी पुलिस उसकी लोकेशन के आधार पर तलाश करती रही। अंत में अमृतसर से दिल्ली आते समय उसे दबोच लिया।