एनआईटी-5 स्थित ओयो होटल के एक कमरे में बृहस्पतिवार रात एक दंपती ने खुदकुशी कर ली। घटना का पता शुक्रवार सुबह करीब पौने 12 बजे चला। महिला का शव बेड पर पड़ा था, उसके पति का शव फंदे पर लटका हुआ था। जांच में पता चला है कि महिला का पति हत्या के मामले में सजा काट रहा था और पैरोल पर आया हुआ था।
शनिवार को ही पैरोल की अवधि समाप्त होने पर उसे वापस जेल जाना था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद दोनों के आत्महत्या करने की पुष्टि की है। शव पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल में रखवा दिए हैं।
पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान एनआईटी-दो खोखा कॉलोनी निवासी ज्योति और सुनील वधवा के रूप में हुई है। सुनील करीब 12 साल पहले ऋषभ जैन की हत्या के मामले में सजा काट रहा था। उसकी भाभी शशि वधवा ने बताया कि वह एक महीने पहले जेल से पैरोल पर आया था। इस दौरान सब कुछ ठीक-ठाक था। शनिवार को सुनील को वापस जेल जाना था।
ऐसे में वह पत्नी के साथ थोड़ा वक्त बिताना चाहता था। बृहस्पतिवार रात दोनों खाना खाने के लिए बाहर निकले थे। सुनील ने बताया था कि वे रात को बाहर ही रुकेंगे और सुबह 5 बजे तक घर लौटेंगे। इस दौरान उसने रात को एनआईटी-5 ई ब्लॉक स्थित ओयो होटल में रुकने की बात कही थी। सुबह छह बजे तक ज्योति और सुनील घर नहीं लौटे तो शशि ने उन्हें फोन किया, लेकिन उठाया नहीं। सुबह 10.30 बजे तक भी शशि की सुनील और ज्योति से बात नहीं हो पाई तो वह ओयो होटल पहुंच गई।
होटल के रिसेप्शन पर पता चला कि सुनील और ज्योति ने रूम नंबर 406 बुक करवा रखा है। शशि ने होटल स्टाफ से रूम में जाने की बात कही, मगर स्टाफ ने जाने नहीं दिया। करीब पौने बारह बजे शशि जबरदस्ती होटल की चौथी मंजिल पर पहुंच गई। उसने जैसे ही कमरे के दरवाजे का खोला अंदर सुनील फंदे पर लटका मिला, जबकि ज्योति का शव बेड पर पड़ा था। होटल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जांच अधिकारी एएसआई सुनील कुमार के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।