मृतकों की शिनाख्त जुमी दास (25) और इसके पति भास्कर देका (27) के रूप में हुई है। जुमी की लाश मिलने के बाद पुलिस जांच करते हुए उसके घर पहुंची तो पति की मौत का पता चला। हालांकि भास्कर को पंखे पर लटका देखकर मकान मालिक मुकेश कुमार पहले ही पीसीआर कॉल कर चुका था।
पुलिस को मृतक भास्कर के पास से एक असमिया में लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ है। नोट में उसने पत्नी जुमी से शिद्दत से प्यार करने की बात लिखी है। आगे वह लिखता है कि पत्नी को असम से दिल्ली लाने का उसका फैसला गलत था। उसने इसके लिए माफी मांगी है। भास्कर ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।
माना जा रहा है कि पति की मौत के सदमे से आहत होकर जुमी ने यह कदम उठाया। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने औपचारिताएं पूरी करने के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के असम से दिल्ली आने पर शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
असम का रहने वाला था दंपती...
जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि मूलरूप से असम के सोनापुर-कामरूम का रहने वाला भास्कर देका अपनी पत्नी जुमी दास के साथ पिछले दो माह से गली नंबर-2, साढ़े तीन पुश्ता, करतार नगर, न्यू उस्मानपुर में रहता था। भास्कर चांदनी चौक स्थित ओमेक्स मॉल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था।
इसकी पत्नी भी इसी मॉल में हाउस कीपिंग में नौकरी करती थी। शनिवार सुबह राहगीरों ने जुमी का शव पहला पुश्ता, यमुना खादर, शास्त्री पार्क में पानी की पाइप लाइन से लटके देखा। सुबह करीब 8.51 बजे मामले की सूचना शास्त्री पार्क थाना पुलिस को दी गई। पुलिस को मृतका के पास से उसका मोबाइल फोन बरामद हुआ।
पुलिस की जुमी के ही फोन पर उसके दोस्त से बात हुई। उसने बताया कि रात को जुमी ने उसके पास कॉल कर बताया था कि उसके पति ने फांसी लगाकर जान दे दी है। वह भी आत्महत्या करने जा रही है। जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की टीम करतार नगर जुमी के घर पहुंची तो वहां पहले से न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस मौजूद थी।
जुमी के मकान मालिक ने सुबह 11.15 बजे भास्कर को फंदे से लटके देखकर पीसीआर कॉल कर दी थी। पुलिस को भास्कर के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ, लेकिन उसमें मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के दिल्ली आने पर ही मौत को गले लगाने की वजहों का खुलासा हो पाएगा।
पत्नी को दिल्ली लाने पर आखिर ऐसा क्या हुआ कि उठाना पड़ा आत्महत्या का कदम, पता लगा रही पुलिस...
आखिर ऐसा क्या हुआ कि दंपती ने मौत को गले लगा लिया। मकान मालिक मुकेश कुमार ने बताया कि दोनों के बीच कभी कोई विवाद या झगड़ा नहीं होता था। सुबह के समय दोनों अपनी ड्यूटी पर चले जाते थे और शाम को वापस भी आ जाते थे। कई बार भास्कर की रात की ड्यूटी होती थी तो जुमी घर पर अकेली होती थी।
पुलिस ने दोनों के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेजा है। पुलिस दोनों के साथ काम करने वाले लोगों से पूछताछ कर आत्महत्या की वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इस बात का भी पता करने का प्रयास किया जा रहा है कि जुमी को कहीं कोई दफ्तर या बाहर परेशान तो नहीं कर रहा था।