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Delhi NCR News: गर्भवती महिला की दहेज मौत के दोषियों पति और सास को 12 साल की सजा

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अदालत ने कहा, इस अपराध में सिर्फ एक जिंदगी नहीं, दो जिंदगियां चली गईं
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने गर्भवती पत्नी की दहेज मौत के मामले में दोषी पति और सास को 12 साल की सख्त सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि इस अपराध में सिर्फ एक जिंदगी नहीं, बल्कि दो जिंदगियां चली गईं। अपर सत्र न्यायाधीश प्रिया महेंद्र ने महिला के पति और सास के खिलाफ सजा पर दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों को दहेज मृत्यु के लिए 12 साल और क्रूरता के लिए तीन साल की सजा सुनाई। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
10 अगस्त को अदालत ने कहा, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 21वीं सदी में भी भारतीय समाज में दहेज उत्पीड़न से होने वाली मौतों का अभिशाप कायम है। कोर्ट ने कहा कि दोषियों के प्रति नरमी दिखाना न्याय की हत्या होगी। पीड़िता की मौत के समय वह करीब ढाई महीने की गर्भवती थी। लगातार उत्पीड़न, क्रूरता और दहेज की मांग के कारण उसने आत्महत्या कर ली। जज ने कहा कि अपराध इसलिए और गंभीर हो जाता है क्योंकि पति और सास के आचरण से सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो जिंदगियां चली गईं।
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कोमल (29) की शादी 15 मार्च 2021 को नितेश से हुई थी। 3 जून 2021 को ससुराल में फांसी लगाकर उन्होंने आत्महत्या कर ली। उस समय वह ढाई महीने की गर्भवती थीं। कोर्ट ने नितेश पर 30,000 और 5,000 रुपये तथा उसकी मां पर 20,000 और 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। वसूले गए जुर्माने की राशि मृतक के कानूनी उत्तराधिकारियों को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
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