- शिकायतकर्ता पत्नी ने मार्च 2020 में अपने पति, सास और दिवंगत ससुर (मामले के ट्रायल के दौरान निधन हो गया था) के खिलाफ दर्ज कराया था मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना और आपराधिक विश्वासघात के आरोपों से पति व सास को बरी कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रुति शर्मा की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वैवाहिक जीवन में घरेलू विवाद की हर स्थिति को क्रूरता नहीं माना जा सकता। इस मामले में लगाए गए आरोप अस्पष्ट हैं। इनके समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किया गया है। मामला तिलक नगर थाने में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता पत्नी ने मार्च 2020 में अपने पति, सास और दिवंगत ससुर (मामले के ट्रायल के दौरान निधन हो गया था) के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। पत्नी ने शिकायत में कहा था कि वर्ष 2004 में शादी के बाद से उन्हें शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न सहना पड़ा। आरोप लगाया कि पति ने उससे 40 हजार रुपये मांगे थे। प्रसव के दौरान पैसों के लिए दबाव बनाया और उनकी अनुमति के बिना 15 तोला सोना बेच दिया। शिकायत में कहा गया कि ससुराल पक्ष ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपियों की वकील ने कहा कि पत्नी द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं।