इस्लामिक स्टेट (आईएस) से प्रभावित होकर जम्मू-कश्मीर में बने आतंकी संगठन आईएसजेके के गिरफ्तार आतंकियों ने खुलासा किया है कि उनके निशाने पर हुरर्यित कॉन्फ्रेंस के नेता थे। इस आतंकी संगठन का उद्देश्य आम लोगों को नहीं, बल्कि हुर्रियत के नेताओं को निशाना बनाना था। इन्होंने हुर्रियत के कई नेताओं को निशाने पर ले लिया था और उनकी एक-एक कर हत्या करना चाहते थे। सुरक्षा एजेंसियों व खुफिया एजेंसियों ने इनके निशाने पर आए हुर्रियत नेताओं के नामों का खुलासा करने से इंकार कर दिया है।
खुफिया विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएसजेके के गिरफ्तार आतंकियों के मुताबिक, वे अब तक तीन लोगों की टारगेट कर हत्या कर चुके हैं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएसजेके का आका उजेफा है। वह इस समय अफगानिस्तान में बैठकर इस गिरोह को चला रहा है। वह आईएस का बड़े स्तर का कमांडर है। उजेफा के निर्देश आने के बाद ही ये आतंकी वारदात करते थे। उजेफा ही इन्हें निर्देश देता था कि किस हुरर्यित नेता की हत्या करनी है। आईएसजेके के सभी आतंकियों के नाम कोड वर्ड में हैं।
स्पेशल सेल के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आईएसजेके के ज्यादातर आतंकी बीबीएम पर बात करते हैं। इन्होंने बीबीएम पर एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा है। इसके अलावा, ये आपस में ईमो, टेलीग्राम और थीमा ऐप के जरिए बात करते थे। इन ऐप में चैटिंग स्वत: ही डिलीट होती जाती है। इन ऐप के जरिए बात करने के लिए ये कई मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। स्पेशल सेल के इस अधिकारी ने बताया कि सितंबर महीने में आईएसजेके के दो आतंकी परवेज व जमशीद जामा मसजिद इलाके से पकड़े गए थे। तभी से आईएसजेके आतंकियों की तलाश चल रही थी। इसके बाद, शनिवार को जम्मू-कश्मीर से हरीश मुश्ताक खान, ताहिर अहमद खान और आसिफ को गिरफ्तार किया गया था।