अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि देश के इतिहास में पहली बार बीते तीन महीने से दिल्ली के आईएएस अधिकारी हड़ताल पर हैं। वह मंत्रियों की बैठकों में नहीं आते। इससे दिल्ली के कई कामों पर असर पड़ रहा है।
अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की वजह से अधिकारियों की हड़ताल दिल्ली सरकार खत्म नहीं करवा पा रही है। यह दिल्ली सरकार के अधीन होते तो इनकी हड़ताल 24 घंटों में खत्म हो गई होती। वहीं, दिल्ली सरकार की बार-बार गुुजारिश के बाद भी उपराज्यपाल हड़ताल खत्म नहीं करवा रहे हैं।
केजरीवाल ने पत्र में उन कामों की लिस्ट भी दी है, जिन पर हड़ताल की वजह से असर पड़ा है। केजरीवाल ने पत्र में कहा है कि प्रधानमंत्री व उपराज्याल ही हड़ताल खत्म करवा सकते हैं। केजरीवाल ने लिखा है कि चूंकि अभी तक उपराज्यपाल ने इस दिशा में कोई काम नहीं किया है, लिहाजा प्रधानमंत्री को हड़ताल खत्म करवानी चाहिए।
प्रभावित कामों की सूची
-बारिशों के पहले नालों की सफाई होनी है। लेकिन अधिकारियों के बैठक में न आने से काम पूरा नहीं हो सका है।
-डेंगू और चिकनगुनिया की तैयारी भी प्रभावित हुई है।
-स्कूलों की रंगाई-पुताई का काम अधूरा पड़ा है।
-नए मोहल्ला और पॉली क्लीनिक बनने का काम बिलकुल बंद है।
-दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की आखिरी किश्त जानी है। लेकिन अधिकारी सहयोग नहीं कर रहे हैं।
-कच्ची कालोनियों में चल रहे गली नाली के सारे काम या तो ठप हो गए हैं या धीमे हो गए हैं।
-हर 15 दिनों में प्रदूषण की समीक्षा एवं प्लानिंग के लिए होने वाली बैठक बीते 3 महीनों से नहीं हो सकी है।