दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के अनशन का आज दसवां दिन है। अनशन कर रही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के समर्थन में सैकड़ों महिलाओं ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में बुधवार रात विशाल मानव श्रृंखला बना सरकार से इंसाफ मांगा।
हाथों में मोमबत्ती लेकर महिलाओं ने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त कानून को लागू कराने की मांग की। महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि दुष्कर्म के दोषियों को छह माह के भीतर फांसी की सजा होनी चाहिए। उधर राजघाट स्थित समता स्थल पर स्वाति मालीवाल का आमरण अनशन नौंवे दिन भी जारी रहा। डॉक्टरों ने उनकी जांच में पुष्टि की है कि अब तक उनका वजन छह किलोग्राम कम हो चुका है। स्वाति मालीवाल का रक्तचाप कम हुआ है, ब्लड शुगर गंभीर स्तर पर है। हालांकि इसके बाद भी उनकी हिम्मत बरकरार है।
स्वाति मालीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अनशन का उनका नौंवा दिन है। पिछले वर्ष भी बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को फांसी दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने 10 दिन अनशन किया था लेकिन तब सरकार के आश्वासन पर उन्होंने अनशन तोड़ दिया था। इस बार वह किसी जुमले में नहीं आने वाली। यदि केंद्र सरकार का घमंड ज्यादा है तो उनकी जिद भी ज्यादा है क्योंकि उनकी रगों में इंकलाब है।
वहीं गोरखपुर कांड से चर्चा में आए डॉ. कफिल खान भी बुधवार को स्वाति मालीवाल के अनशन को समर्थन देने राजघाट पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्वाति मालीवाल का शरीर कमजोर हो रहा है लेकिन उनकी हिम्मत में कोई कमी नहीं है। इससे पहले सभी राज्यों और केंद्र सरकार को नोटिस देते हुए आयोग ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना किए जाने की योजना के बारे में जानकारी मांगी। स्वाति मालीवाल छह माह के भीतर ही दुष्कर्म मामलों में फैसला आने, पुलिस के संसाधन पूरा करने और उनकी जवाबदेही तय करने के साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट की ज्यादा से ज्यादा संख्या में स्थापना इत्यादि मांग को लेकर आमरण अनशन पर हैं।