अनाज मंडी हादसे के बाद बचपन बचाओ आंदोलन को लेकर दायर की गई याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। याचिका में दिल्ली के अनाज मंडी हादसे में घायल बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए थे।
बता दें कि बीते रविवार अनाज मंडी इलाके की फैक्टरी में आग लग जाने के कारण 43 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए थे। पता चला कि उस फैक्टरी में हादसे में फंसे लोगों में कई बच्चे भी शामिल थे।
वहीं बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) की स्टडी में बाल श्रम को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। अनाज मंडी अग्निकांड के मद्देनजर मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर जंतर-मंतर पर जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बीबीए ने वर्ष 2005 से लेकर अब 8918 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया है। इनमें करीब 94 फीसदी अवैध फैक्टरियों में काम कर रहे थे।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ मिलकर बीबीए ने मंगलवार को दिल्ली कैंट और नारायणा इलाके से नौ बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। इनमें से ज्यादातर किशोर दिल्ली कैंट व नारायणा बाजार में ढाबों और दुपहिया वाहन मैकेनिकों के यहां काम कर रहे थे। गौरतलब है कि अनाज मंडी अग्निकांड में कई किशोरों की मौत हुई है।