इसी सेप्टिक टैंक की सफाई में गई थी मजदूरों की जान
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 7 मई को रोहिणी में सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय दो लोगों के मारे जाने के मामले में दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया।
बता दें कि सोमवार दोपहर सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए उतरे दो मजदूरों की जहरीली गैस के चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि तीन बेहोश हो गए थे। पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, जान गंवाने वाले मजदूर भाग्य विहार निवासी लंबू उर्फ दीपक (20) और गणेश शाह (35) हैं। घायलों में रणवीर सिंह (33), बबलू (40) और शेर सिंह (40) हैं। सभी दिहाड़ी पर काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, भाग्य विहार एम ब्लॉक स्थित 32 गज में निर्माणाधीन मकान का मालिक मुस्तफा है। वह पुराने मकान को तोड़कर भूतल और पहली मंजिल पर निर्माण करा रहा था। इस मकान में कई साल पुराना सेप्टिक टैंक बना हुआ था, जो करीब दस फुट गहरा था। टैंक की कभी सफाई नहीं हुई थी।
मंगलवार दोपहर पांच मजदूरों को सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए बुलाया गया था। बिना कोई उपकरण लगाए गणेश सीढ़ी लगाकर टैंक में उतरा। चार अन्य सहयोगी ऊपर थे। काफी देर तक गणेश ऊपर नहीं आया तो सहयोगी लंबू ने नीचे उतरकर उसे आवाज दी। इसके बाद लंबू भी बाहर नहीं आया तो अन्य मजदूर भी नीचे उतरे।
जहरीली गैस के चपेट में आकर सभी बेहोश हो गए। वहां मौजूद अन्य लोगों ने घटना की जानकारी मकान मालिक व राज मिस्त्री को दी। मौके पर लोग जमा हो गए और घटना की जानकारी पुलिस व दमकल विभाग को दी गई। दमकलकर्मियों ने पांचों मजदूरों को निकालकर संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने दो मजदूरों को मृत घोषित कर दिया था।