वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए एसआरएस ग्रुप को बेची गई ट्रस्ट की जमीन पर बने सनफ्लैग अस्पताल को हुडा ने रिज्यूम (जब्त) कर लिया है। मंडलायुक्त डॉ. डी सुरेश के आदेश के बाद मंगलवार को एस्टेट ऑफिसर महावीर प्रसाद ने जमीन जब्त करने के आदेश जारी किए। हुडा की ओर से जमीन को रिज्यूम किए जाने के नोटिस भी एक दो दिन में अस्पताल परिसर में चस्पा कर दिए जाएंगे।
मालूम हो कि दिल्ली के एक ट्रस्ट ने सेक्टर-16ए में अस्पताल खोलने के लिए 1996 में सरकार से महज पंद्रह लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन ली। सरकार की शर्त थी कि ट्रस्ट की यह जमीन तीसरे पक्ष को नहीं बेची जाएगी। डेढ़ साल पहले ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पदेन सदस्यों जिला उपायुक्त और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से छिपाकर अस्पताल और यह जमीन एसआरएस ग्रुप को बेच दी।
एसआरएस ग्रुप ने टेकओवर करते ही काम कर रहे 150 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया। कर्मचारियों ने इसकी शिकायत केंद्रीय गृहमंत्री से लेकर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से की। इसके बाद मामले की जांच मंडलायुक्त डी सुरेश को सौंपी गई। सरकारी शर्तों का उल्लंघन पाए जाने के बाद जमीन को रिज्यूम करने का फैसला लिया गया।
मंगलवार को एस्टेट ऑफिसर महावीर प्रसाद को आदेश जारी किए। अब यह जमीन हुडा की संपत्ति हो गई है। हुडा एस्टेट ऑफिसर महावीर प्रसाद ने बताया कि सनफ्लैग अस्पताल की जमीन को लेकर कई अनियमितताएं पाई गई हैं, जिसके चलते जमीन को रिज्यूम करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। बुधवार को इस विषय में अस्पताल की बिल्डिंग पर नोटिस भी लगा दिए जाएंगे।