फरीदाबाद में हुडा अधिकारियों की अनदेखी के चलते अवैध कब्जों और निर्माणों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसका अंदाजा बाइपास पर जाकर लगाया जा सकता है।
अवैध कब्जों और निर्माणों से इसकी सूरत बिगड़ गई है। हुडा अधिकारियों के मुताबिक हुडा की करोड़ों रुपये की जमीन पर पहले से ही अवैध कब्जे हैं। फिर भी पिछले एक वर्ष से हुडा ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। जिसके कारण इसका सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा है।
अवैध निर्माणों से संबंधित शिकायत रोजाना हुडा अधिकारियों के पास आती है, लेकिन अधिकारी तोड़फोड़ की खानापूर्ति तक नहीं करते। बाईपास के सभी चौराहों पर अतिक्रमण तो आम बात है। हुडा अधिकारी यह कह कर पल्ला झाड़ रहे हैं कि कब्जे सिंचाई विभाग की जमीन पर हो रहे हैं।
अवैध कब्जों के नए ठिकाने
सेक्टर-37 से 59 तक बन रहा बाईपास रोड शुरू से ही अवैध कब्जों की चपेट में रहा है। इसके चलते कई बार बाईपास रोड की डेडलाइन मिस भी हो चुकी है।
हुडा ने पिछले दिनों सेक्टर 17-18 के पास और किसान मजदूर कॉलोनी से अवैध कब्जे हटा तो दिए थे, लेकिन उसके बाद वहां पर फिर से इसकी बाढ़ आ गई। जिसके कारण सेक्टर-17 की ग्रीन बेल्ट में कई झुग्गियां बनी हुई हैं। इसी तरह बाईपास रोड पर सेक्टर-8 और 2 के पास दर्जनों जगहों पर कब्जे हैं।
इन सेक्टरों में हैं अवैध कब्जे
सेक्टर-2ए, 3ए, 5ए, 6ए, 8ए, 12ए, 15 ए, 16 ए, 17ए सेक्टर 18 से 29 तक बाईपास रोड पर, सेक्टर-19 ए, 20, 20 ए, 20 बी, 21 बी, 211 डी, 27 बी, 27 सी, सेक्टर-33, 34 बाईपास रोड पर, सेक्टर-45, 46, 58 और सेक्टर-64।