गुड़गांव के हुडा सेक्टर में प्लॉट न दिए जाने को लेकर स्थानीय कोर्ट ने हुडा प्रशासक के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया। पिछले 25 सालों से चल रहे प्लॉट संबंधी विवाद को लेकर कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए हुडा प्रशासक की कार कुर्क करने का आदेश दे दिया। ऐसे में पुलिस भी आदेश के पालना के लिए कार्रवाई करनी शुरू कर दी है।
पुलिस जानकारी के मुताबिक 1990 में हुडा विभाग ने गुड़गांव में जमीन अधिगृहीत की थी। नियमानुसार इस जमीन के भुगतान के साथ ही पीड़ितों को एक रिहायशी प्लाट भी देने की योजना थी। जमीन में गांव समसपुर के प्रभुदयाल पुत्र केवल सिंह की जमीन भी एक्वायर की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी पीड़ितों को प्लाट अलाट नहीं किया। इस मामले में 14 नवंबर 2007 को प्रभुदयाल ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर की। प्रभुदयाल बनाम हुडा के मामले में तीन साल पहले आठ नवंबर 2012 को सिविल जज जसबीर ने हुडा विभाग को प्लॉट देने का आदेश जारी किया।
इस आधार पर हुडा विभाग ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेबी गुप्ता की अदालत में अपील की जिसे खारिज कर दिया गया। इस पूरे मामले में कोर्ट ने हुडा प्रशासक की सरकारी कार को कुर्क करने का आदेश जारी कर दिया।
मामले में उस वक्त असमंजस की स्थिति बन आई जब अदालत कर्मी बैलिफ से हुडा प्रशासक के चालक ने जबरन चाबी वापिस ले ली। इस मामले में बुधवार को कोर्ट ने हुडा प्रशासक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनकी कार कुर्क करने का आदेश दे दिया। पूरे मामले के बाद सरकारी दफ्तरों में हलचल मचा हुआ है। मामले की अगली पेशी 13 अप्रैल को होगी।