विजयनगर में हाईटेंशन लाइन का तार गिरने से बच्चों के झुलसने के मामले में नया मोड़ आ गया है। ऊर्जा निगम ने लाइन के नीचे सेना की जमीन पर बने घरों को हटवाने के लिए सेना को पत्र भेजा है।
साथ ही लाइन के नीचे बसे लोगों के खिलाफ तहरीर भी दी है। सेना के अफसरों ने भी अपनी जमीन खाली कराने के संकेत दिए हैं।
निगम की जांच में सेना की जमीन पर बांग्लादेशियों के अवैध कब्जा होने बात कही गई है। बस्ती में तार गिरने से हादसा हुआ था। 11 केवीए की विद्युत लाइन का तार टूटने से 14 जून को सेना के मैदान पर तार टूटकर गिर गया था।
महिला सहित आठ लोग झुलसे थे। विद्युत निगम ने एसडीओ विनय सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी ने रिपोर्ट सोमवार को एक्सईएन को सौंप दी। इसमें तार गिरने का कारण इंसुलेटर पंक्चर होना बताया गया।
झुलसने वालों को बांग्लादेशी करार देते हुए लाइनों के नीचे अवैध घर बनाने की बात कही है। एक्सईएन राघवेंद्र यादव ने बताया कि लाइन के नीचे 15-15 मीटर के दायरे में घर बनाना अवैध है।
जेई उमाकांत शर्मा और जयभगवान शर्मा को मकान के नीचे रहने और झुलसने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही सेना को लाइन के नीचे की जमीन खाली कराने को लिखा गया है।