सीवेज वॉटर को सही तरीके से सोधित न करने का दोषी पाए जाने पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने एमजी रोड स्थित सहारा मॉल पर कार्रवाई की। टीम सोमवार को सुबह पुलिस बल और एचएसवीपी के ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवतार सिंह के साथ सहारा मॉल पहुंची और मॉल के मेन गेट को सील कर दिया।
एचएसपीसीबी ने कई बार सहारा मॉल को नोटिस दिया, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और जांच में नमूनों के फेल पाए जाने पर बोर्ड की तरफ से यह कार्रवाई की गई है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) कुलदीप सिंह ने बताया कि नवंबर 2018 में सहारा मॉल से सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के सैंपल लिए गए थे, जो जांच में फेल हो गए थे। नोटिस पर मॉल प्रबंधन ने जवाब देते हुए सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था को ठीक करने का आश्वासन दिया था। इस दौरान मॉल प्रबंधन से ढाई लाख रुपये की सुरक्षा धनराशि भी जमा कराई गई थी। बावजूद इसके सहारा मॉल प्रबंधन की तरफ से कोई सुधार नहीं किया गया। इसके बाद फरवरी, 2020 में दोबारा सैंपल लिया गया और जांच में वह भी फेल पाया गया। इसके बाद एचएसपीसीबी के उच्चाधिकारियों की तरफ से मॉल को सील करने का आदेश दिया गया।
दो जिलों के आरओ रहे शामिल
फरवरी में सहारा मॉल से दोबारा सैंपल लेने वाली टीम में दो जिलों के क्षेत्रीय अधिकारी भी शामिल थे। टीम में एचएसपीसीबी फरीदाबाद के क्षेत्रीय अधिकारी, अंबाला के क्षेत्रीय अधिकारी एवं अंबाला के ही असिस्टेंट एनवायरमेंटल इंजीनियर शामिल रहे। वहीं, मॉल को दोबारा खोलने के सवाल पर बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि सहारा मॉल की तरफ से प्लांट को ठीक कराने की जानकारी देने के बाद उनकी टीम जांच करेगी, संतुष्ट होने पर मॉल को खोल दिया जाएगा।
पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर सहारा मॉल को सील किया गया है। मॉल प्रबंधन को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का उचित मौका दिया गया लेकिन वॉटर ट्रीटमेंट में कोई सुधार न होने पर यह कार्रवाई की गई। लोगों को सलाह है कि पर्यावरणीय मानकों का पालन करें अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
- कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी गुरुग्राम (एचएसपीसीबी)