हावड़ा से दिल्ली से बीच चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में बम की फर्जी सूचना पर शनिवार शाम को हड़कंप मच गया। ट्रेन यहां से रन थ्रू लाइन से निकलती है। पुलिस के मुताबिक फर्जी फोन कॉल दिल्ली जीआरपी के 100 नंबर पर आई थी। दिल्ली जीआरपी ने इसकी सूचना तत्काल आरपीएफ दिल्ली को दी। जब तक ट्रेन को रोका जाता, तब तक ट्रेन दिल्ली से निकल चुकी थी।
आरपीएफ दिल्ली ने यह सूचना आरपीएफ गाजियाबाद को दी। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोका गया। डॉग स्क्वॉयड और पुलिस अधिकारियों ने पूरी ट्रेन की चेकिंग की, पर ऐसी कोई वस्तु उन्हें नहीं मिली। हालांकि रुकी हुई ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश करते हुए एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। ट्रेन गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर शाम 5:32 बजे आई और 7:08 बजे रवाना हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने पता लगाया कि ट्रेन में झूठी बम की सूचना कोलकाता के एक निवासी ने दी थी। बताया जा रहा है कि वह ट्रेन पकड़ने में नाकामयाब रहा तो उसने फर्जी फोनकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की। पुलिस आरोपी को पकड़ने की कोशिश कर रही है।
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हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (डाउन 12302) का गाजियाबाद में स्टॉपेज नहीं है। इसलिए ट्रेन को रन थ्रू लाइन से निकाला जाता है। शनिवार शाम को बम की फर्जी फोन कॉल पर आरपीएफ और पुलिस खूब दौड़ी।
सीओ जीआरपी रुपेश सिंह ने बताया कि गाजियाबाद आरपीएफ से यह सूचना जीआरपी को शाम 5:46 बजे मिली थी कि हावड़ा जा रही राजधानी एक्सप्रेस में किसी ने बम रख दिया है।
यह सूचना घंटाघर कोतवाली पुलिस को भी दे दी गई और तुरंत डॉग स्क्वॉयड और बम स्क्वॉयड को भेजने को कहा गया। इस बीच जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेन को रन थ्रू लाइन पर रुकवा दिया
इस दौरान एसपी सिटी आकाश तोमर व सीओ सिटी मनीषा सिंह के साथ डॉग स्क्वॉयड भी रेलवे स्टेशन पर आ गया। डॉग स्क्वॉयड की सहायता से पूरी ट्रेन की चेकिंग की गई पर उन्हें कुछ नहीं मिला।
ट्रेन में चढ़ता संदिग्ध पकड़ा
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जब ट्रेन खड़ी थी तो टेगोर गार्डन वेस्ट दिल्ली निवासी गुरजीत सिंह उसमें चढ़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने तत्काल उसे पकड़ कर हिरासत में ले लिया। संभावना है कि गुरजीत ने ही अपने दोस्तों की सहायता से फर्जी कॉल करवा कर ट्रेन को रुकवाया हो।
गुरजीत के पास से दो टिकट मिली है। एक टिकट राजधानी एक्सप्रेस की थर्ड एसी की है, जबकि दूसरी टिकट दिल्ली से धनबाद तक की जनरल टिकट है। जीआरपी अधिकारी संदिग्ध गुरजीत सिंह से पूछताछ कर रहे हैं।
स्टॉपेज नहीं फिर भी मिल गई ट्रेन
जीआरपी द्वारा पकड़े गए गुरजीत सिंह का कहना है कि वह बेसोस इंफ्रा ग्लोब लिमिटेड कंपनी में सिविल इंजीनियर है। उसे कंपनी के काम से धनबाद पहुंचना जरूरी था। इसलिए जब हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी छूट गई तो उन्होंने राजेंद्र नगर-पटना संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में जनरल टिकट लिया। यह ट्रेन भी गाजियाबाद नहीं रुकती, लेकिन यह इतेफाक था कि ट्रेन रुक गई और मैं संपूर्ण क्रांति से उतर कर राजधानी एक्सप्रेस में जाने के लिए चढ़ने लगा तभी पुलिस ने पकड़ लिया।
हालांकि हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन गाजियाबाद में रुकी हुई है, इसकी सूचना कंपनी के दो पीएसओ शीशपाल और राजेश ने तब दी, जब संपूर्ण क्रांति हिंडन नदी पार कर रही थी। जब ट्रेन गाजियाबाद पहुंची तो मैं उतरकर हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को पकड़ने के लिए उतर गया। सीओ रुपेश सिंह का कहना है कि गुरजीत के परिवार वालों को बुलाया गया था। उसकी बात सच निकली। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
नहीं पहुंचा बम स्क्वॉयड
ट्रेन में बम की सूचना मिलने के बाद भी बम स्क्वॉयड दस्ता मौके पर नहीं पहुंचा। पुलिस ने मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉयड से ट्रेन की चेकिंग की। इस दौरान यात्रियों को भी ट्रेन से नहीं उतारा गया।