फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए कैसे ये स्मॉग आपके फेफड़ों से लेकर आंखों तक को पहुंचा रहा नुकसान

Sun, 06 Nov 2016 04:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली-एनसीआर में फैले धुंध और प्रदूषण के बढ़ते स्तर की वजह से बच्चों और बुजुर्गों साथ-साथ अस्थमा मरीजों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ी है। ऐसे मरीज जिन्हें सांस की गंभीर बीमारी है उनके लिए धुंध जानलेवा बनता जा रही है।
विज्ञापन


सांस की गंभीर बीमारियों से पीड़ित कई मरीज इन दिनों आईसीयू में पहुंचने के करीब हैं। यही नहीं अस्पतालों की ओपीडी में भी सांस संबंधी दिक्कतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

सर गंगा राम अस्पताल के मेडिसिन विभाग के सीनियर कंसलटेंट डॉ.अतुल गोगिया का कहना है कि धुंध और प्रदूषण की वजह से अस्थमा मरीजों के साथ-साथ आम लोगों की भी दिक्कत बढ़ रही है।
विज्ञापन

 

15 फीसदी मरीजों की बढ़ोतरी हुई

- फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि जो लोग सांस संबंधी बीमारियों के करीब हैं, उन्हें इस धुंध और प्रदूषण ने बीमार बना दिया है। यही कारण है कि सांस संबंधी शिकायतों को लेकर इन दिनों काफी संख्या में मरीज अस्पताल के ओपीडी पहुंच रहे हैं।

सांस संबंधी बीमारियों की वजह से अस्पताल में करीब 15 फीसदी मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। डॉ.गोगिया ने बताया कि सांस की बीमारियों से पीड़ित कई मरीजों की परेशानी बढ़ी है और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है और यदि यही हालात रहे तो परेशानी और बढ़ेगी।

डॉ.गोगिया का कहना है कि अस्थमा मरीजों को इन दिनों अपने चिकित्सकों से सलाह लेकर दवाईयों के डोज को बढ़वा लेना चाहिए। मरीजों को इनहेलर अपने साथ रखना चाहिए। बुजुर्गों को जिन्हें सांस की बीमारी है और मधुमेह भी है उन्हें इस समय में इन्फ्लूएंजा का वैक्सीन जरुर लगवा चाहिए। वैक्सीन लगवाने के बाद खतरे में कमी आती है।
विज्ञापन

- फोटो : अमर उजाला
फेफड़ों में संक्रमण
हवा में मौजूद प्रदूषित कण फेफड़ों में पहुंचकर फेफड़े की कार्य क्षमता को प्रभावित कर रही है। इसकी वजह से सांस लेने में तकलीफ और घबराहट की शिकायत हो रही है। 
खांसी
प्रदूषण के कारण सांस लेने में परेशानी होने लगती है, जिसकी वजह से बार-बार खांसी आने की समस्या बढ़ जाती है। लगातार खांसी होने से सांस फूलने की भी शिकायत आ रही है। 
आंखों में जलन
प्रदूषण के कारण आंखों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। धुंध के कारण आंखों की झिल्ली में जलन हो रही है। इतना ही नहीं इससे आंखों में सूजन और कई अन्य संक्रमण भी खतरा रहता है। 
धुंध से बचें
ऐसे स्थानों पर न जाएं जहां ज्यादा प्रदूषण होता है। औद्योगिक क्षेत्र और जहां ज्यादा ट्रैफिक हो वहां जाने से बचें, धुंध में अपने चेहरे को ढ़क कर रखें, सुबह की सैर को अभी ना कहें, यदि जरुरी हो तभी घर से निकलें, घर से निकलना जरुरी हो तो बेहतर गुणवत्ता वाले मास्क का प्रयोग जरुर करें। बाहर से घर पहुंचने के बाद अपने चेहरे और आंख को साफ पानी से जरुर अच्छी से धोएं, चेहरा पोछने के लिए साफ तौलिये का प्रयोग करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें