इलाज के बहाने पहुंचा जवान
करीब एक सप्ताह तक टीम उसके आश्रम के बाहर निगरानी करती रही। पुलिस का एक जवान आश्रम में इलाज के बहाने देवेंद्र के पास गया। पूरी तरह पुख्ता करने के बाद टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय लोगों को जब देवेंद्र के कारनामों को पता चला तो उनके होश उड़ गए। टीम उसे लेकर दिल्ली आ गई।
पहली बार विधवा संग रहा छिपकर
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 2020 में पहली बार जब वह पैरोल लेकर फरार हुआ था तो वह दिल्ली में ही एक विधवा महिला के साथ छिपकर रहा था। छह बाद ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। 2023 में जब वह फरार हुआ तो पुलिस ने करीब छह माह उसे ढूंढने में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। कई राज्यों की खाक छानी गई।
एक बेटा स्विट्जरलैंड व दूसरा बेटा केरल में कर रहा नौकरी
इसी कड़ी में जांच करने पर देवेंद्र के परिवार का पता लगाया गया। छानबीन में पता चला कि देवेंद्र की पत्नी ने 2004 में पति की घिनौनी हरकतों का पता चलने पर हमेशा के लिए उसे छोड़ दिया। वह बच्चों को लेकर मुंबई चली गई थी। देवेंद्र का एक बेटा स्विट्जरलैंड व दूसरा बेटा केरल में रहकर नौकरी कर रहे थे।
पुलिस आश्रम में रहकर जुटाई जानकारी
टीम को वहां रवाना कर दिया गया। पड़ताल करते हुए पुलिस की टीम आरोपी की क्लीनिक के पास मौजूद बाबा के आश्रम तक पहुंची। वहां बाबा का हूलिया आरोपी से कुछ-कुछ मेल खा रहा था। टीम आश्रम के बाहर रहकर जानकारी जुटाती रही और जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
इसलिए बनाया बाबा का हूलिया
गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने खुलासा किया गया कि पुलिस को हमेशा को लिए चकमा देने के लिए उसने बाबा का हूलिया बनाया था। उसे यकीन था कि पुलिस कभी भी उस तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन पुलिस ने उसे ढूंढ ही निकाला। आरोपी को दिल्ली लाकर जेल प्रशासन के हवाले कर दिया गया है।