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मोदी के एक नारे ने बचाई थी कई किसानों की जान!

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हिंदी फिल्म पीपली लाइव तो आपने देखी ही होगे जिसमें नत्था के मरने की खबर पर रोटियों सेंकने की कोशिश इलाके के नेता से लेकर सीएम ऑफिस तक को करते दिखाया गया था।
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कुछ-कुछ वैसा ही मंजर फिलहाल गजेंद्र की मौत पर दिखाई दे रहा है। बुधवार दोपहर गजेंद्र की मौत के बाद से हर पार्टी के नेता इस तरह बयानबाजी कर रहे हैं जैसे अब उनका बयान ही इस समस्या की ताबूत में आखिरी कील ठोकेगा।

भाजपा की नेत्री मीनाक्षी लेखी ने भावुक हो कर कहा कि या तो यह संवेदनहीनता का प्रतीक है या फिर कोई गहरी साजिश है।  उन्होंने बुधवार को आप की रैली में किसान के पेड़ पर चढ़ने की घटना की तुलना प्रधानमंत्री मोदी की एक रैली से करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने लोगों को बचाने की कोशिश की थी।
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कैसे मोदी जी ने बचाई लोगों की जान?

मीनाक्षी ने कहा कि मेरठ में जब किसानों की रैली हुई थी तो बिजली के खंभो पर चढ़ गए थे। मेरठ की उस रैली को मोदी जी संबोधित कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने लोगों को बिजली के खंभो पर चढ़ते देखा तो उनके पहले बोल ने पूरे मंजर को बदल दिया।

मीनाक्षी लेखी ने कहा कि उस वक्त मोदी जी ने लोगों से कहा कि 'आपको चौधरी चरण सिंह की कसम है, आप वापस आइए।'

बीजेपी की दूसरी महिला नेत्री भी इस मामले में पीछे कैसे रहती। तेज तर्रार महिला नेता उमा भारती ने गजेंद्र की आत्महत्या पर टिप्पणी कहते हुए कहा कि हम सब को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
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'कोई तो बचाता मेरे भाई को'

उधर आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान प्रधानमंत्री पर हमला करने से क्यों चूकते। उन्होंने भी बयान दे डाला कि सिर्फ रेडियो पर मन की बात करना ही काफी नहीं है। इस समस्या के समाधान के लिए कुछ ठोस करने की जरूरत है।

इस बीच आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वह गजेंद्र के बच्चों की शिक्षा के लिए हर जरूरी मदद देगी और उनके परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी।

इस बीच गजेंद्र के भाई विजेंद्र ने कहा कि मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि नेता हमारे घर तक आए या नहीं। अगर वह सच में उसे बचाना चाहते तो बचा सकते थे। विजेंद्र ने भावुक होते हुए कहा, 'कोई तो बचाता मेरे भाई को।'
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