घर पर सामान की डिलीवरी देने आ रहे शख्स से क्या आप और आप का परिवार सुरक्षित है। लाजपत नगर की घटना ने आम लोगों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है।
आपको यह जानकार हैरत होगी कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के जो डिलीवरी ब्वॉय आपके घर पर सामान लेकर आते हैं। ज्यादातर मामलों में कंपनी उनका पुलिस वेरीफिकेशन तक नहीं करवाती है।
लाजपत नगर मामले में अमित का पुलिस वेरीफिकेशन हुआ था या नहीं फिलहाल पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस सूत्र बताते हैं अमित का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं हुआ था।
खर्चा बचाने के लिए नहीं होता वेरिफिकेशन
इस मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। जानकारों का कहना है कि ज्यादातर कंपनियां अपने डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस वेरीफिकेशन कराते ही नहीं है।
चूंकि इन लड़कों को बहुत ही कम सैलरी दी जाती है, इस वजह से कंपनियां अपना खर्चा बचाने के चक्कर में थोड़ी बहुत औपचारिकता करने के बाद इन लड़कों को नौकरी पर रख लेती हैं।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाईटेक जमाने में ऑनलाइन शॉपिंग का जमाना आ गया है। अब खरीदारी या तो फोन पर हो जाती है या अपना सामान ऑनलाइन बुक कर दिया जाता है। कंपनी का डिलीवरी ब्वॉय आपके घर सामान पहुंचा देता है।
बढ़ते ई-शॉपिंग के चलन से खतरा
बढ़ते ई-शॉपिंग के चलन की वजह से नियमों को ताक में रखकर डिलीवरी ब्वॉय की भर्ती की जाती हैं। कम पैसे मिलने की वजह से लड़के जल्दी-जल्दी नौकरी छोड़ देते हैं।
ऐसे में खर्चा होने की वजह से कंपनी सुरक्षा से जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा नहीं करती हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की मानें तो घरेलू नौकरों, किरायेदारों, चालकों का वेरीफिकेशन कराने का कानून है।
वहां वेरीफिकेशन न कराने पर कार्रवाई भी की जाती है। लेकिन अभी कमर्शियल कंपनियों के डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस वेरीफिकेशन कराने के नियम सख्त नहीं है। ऐसे में कंपनी वाले इसका फायदा उठाते हैं।
लाजपत नगर वाली घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी इस दिशा में नियम कड़े करने की बात कर रहे हैं।