हाईकोर्ट ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस फोर्स की भर्ती व सीसीटीवी कैमरे लगाने में कोताही बरतने पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने कहा कि वे आपस में बैडमिंटन (एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने) न खेलें बल्कि महिलाओं की सुरक्षा की तरफ ध्यान दें। इतना ही नहीं अदालत ने करीब छह हजार सीसीटीवी कैमरों के लिए 404 करोड़ मांगने पर भी हैरानी जताते हुए कहा कि वे फिलहाल इस राशि के लिए मंजूरी नहीं दे सकते।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति संजीव सचदेव की खंडपीठ ने महिलाओं की सुरक्षा मामले में सुनवाई के दौरान इस बात पर नाराजगी जताई कि अभी तक पुलिसकर्मियों की भर्ती को मंजूरी नहीं मिली बल्कि केंद्र व पुलिस में खींचतान चल रही है।
वहीं अदालत के आदेश के बावजूद 44 थाना क्षेत्रों में सीसीटीवी लगाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ। गौरतलब है कि अदालत ने 25 मार्च को दिए आदेश में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराध पर अंकुश लगाने के लिए 44 थाना क्षेत्रों में दो माह में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया था।