आशीष जोशी एक ऐसा नाम जिसे राजेंद्र कुमार के दफ्तर पर सीबीआई छापे के बाद उस शिकायतकर्ता के रूप में जाना जा रहा जिसने राजेंद्र की शिकायत एसीबी को दी। इसके बाद ही एसीबी ने राजेंद्र से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को सीबीआई को जांच के लिए सौंप दिया।
लेकिन आशीष की सिर्फ यही पहचान नहीं है कि उन्होंने राजेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत की। आप को बता दें कि जोशी वही अफसर हैं जो दिल्ली सरकार के दिल्ली डायलॉग कमीशन के सचिव सदस्य थे और जिन्हें आप सरकार ने उनके पद से हटा दिया था।
इंडियन पोस्ट एंड टेलीकम्यूनिकेशन अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस (आईपी एंड टीएएफएस) के अफसर जोशी ने सबसे पहले राजेंद्र कुमार की शिकायत एलजी नियुक्त एसीबी चीफ एमके मीणा को की थी।
डीडीसी के सचिव सदस्य थे जोशी
एसीबी चीफ एमके मीणा ने राजेंद्र के खिलाफ जोशी की शिकायत सीबीआई को जांच के लिए सौंप दी थी। इसी मामले पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने मंगलवार को राजेंद्र कुमार के दफ्तर और घर पर छापेमारी की।
बता दें कि जोशी का साथ आम आदमी पार्टी के साथ तब से है जब उसने दिल्ली में सरकार बनाई भी नहीं थी। जोशी को डेल्ही अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड(डीयूएसआईबी) के वित्तीय विभाग में डेप्यूटेशन पर नियुक्त किया गया था। जोशी केंद्र से डेप्यूट होकर यहां नियुक्त हुए थे।
इस साल फरवरी में जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तब जोशी को बहुत कम लोग जानते थे। उनके बारे में ज्यादा लोगों ने तब जाना जब केजरीवाल सरकार ने उन्हें अपने थिंक टैंक दिल्ली डायलॉग कमीशन का सचिव सदस्य नियुक्त करने का फैसला किया।
आप नेता आशीष खेतान जिन्होंने आप का मेनिफेस्टो तैयार किया था, कहा जाता है कि उसके पीछे भी जोशी का ही हाथ है। जोशी को दिल्ली डायलॉग कमीशन में बहुत ही कठिन काम मिला था क्योंकि 9 सदस्यों वाली संस्था के चेयरमैन केजरीवाल थे और आशीष खेतान वाइस-चैयरमैन।
मतभेद बढ़े और सरकार ने दिखाया जोशी को बाहर का रास्ता
डीडीसीए में नियुक्त होने के बाद जल्द ही जोशी और खेतान में मतभेद बढ़ने लगे। जोशी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल, एलजी जंग और प्रधान सचिव को लिखित शिकायत की कि, उन्हें डीडीसी, आप वॉलेंटियरों और वरिष्ट कार्यकर्ताओं द्वारा बेइज्जत किया जा रहा है।
जोशी का आरोप था कि खेतान चाहते थे कि डीडीसी में कुछ आप वॉलेंटियर नियुक्त किए जाएं जबकि उनका मानना था कि डीडीसी एक स्वतंत्र संस्था बने। इसमें नियुक्तियां भी नियमित चयन प्रक्रिया से ही हो। लेकिन सरकार ने जोशी के प्रस्तावों को खारिज कर दिया।
इसके बाद ही जल्द ही उन्हें डीडीसी से निकाल दिया गया और केंद्र सरकार में ही नियुक्ति दे दी गई। और जब आम आदमी पार्टी को लगा कि ये बात यहीं खत्म हो गई तो जोशी ने राजेंद्र कुमार की शिकायत एसीबी में कर दी जिसके परिणाम स्वरूप हम राजेंद्र के घर व दफ्तर पर सीबीआई रेड देख चुके हैं।