परिवहन विभाग ने रविवार को ऑटो के लिए एनसीआर परमिट की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन नोएडा से सिर्फ 10 परमिट ही जारी हो पाए हैं। जबकि परिवहन विभाग एनसीआर परमिट के लिए नवंबर के अंतिम सप्ताह से आवेदन ले रहा है।
रविवार को गाजियाबाद में इसकी औपचारिक शुरुआत कर दी गई, लेकिन नोएडावासियों की मुश्किल अभी खत्म नहीं हुई है। दिल्ली-नोएडा के बीच ऑटो से चलने वालों की तादाद हजारों में है, जो मेट्रो की भीड़भाड़ से बचने के लिए ऑटो को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन 10 ऑटो उन सभी की जरूरत पूरी नहीं कर पाएंगे।
किराये को लेकर भी असमंजस बरकरार है। प्रदेश सरकार ने दिल्ली के समान किराया तय होने का फैसला तो ले लिया है, पर अभी तक औपचारिक आदेश नहीं मिला है। एक अन्य समस्या इन ऑटो का कोई सेंटर तय न होना भी है। सवारियों को ये ऑटो कहां से मिलेंगे, इसकी जानकारी नहीं है।
ऑटो चालक भी इससे अनजान हैं। ऑटो चालक महफूज अली कहते हैं कि इस परमिट से नोएडा या गाजियाबाद कहीं से भी चल सकते हैं। उन्होंने सोमवार को वसुंधरा व आनंद विहार होते हुए दिल्ली रूट पर चलने की बात कही।
नोएडा सीएनजी ऑटो एसोसिएशन के अध्यक्ष चौ. ओमप्रकाश गुर्जर का कहना है कि जब तक दिल्ली एनसीआर का एक परमिट नहीं हो जाता विरोध जारी रहेगा, जिन लोगों ने एनसीआर परमिट लिया है, उनसे बात करके सरेंडर कराया जाएगा। मौजूदा परमिट लेने से कोई फायदा नहीं है।