नोएडा के ईकोटेक-थर्ड थाने में शनिवार को कुलेसरा के पूर्व प्रधान समेत 10 लोगों केखिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। इसमें ब्लॉक का तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी भी शामिल है। इन पर जमीन के फर्जी दस्तावेज बनवाकर जमीन बेचने का आरोप है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में है।
दिल्ली के निजामुद्दीन निवासी डॉ. प्रमेंद्र मोहन दिल्ली स्थित मेडिकल कॉलेज में तैनात हैं। आरोप है कि उन्होंने 1982 में रघुनाथ से करीब आठ बीघा जमीन खरीदी थी। इसके बाद वह काम से कहीं बाहर चले गए। इस बीच रघुनाथ की मौत हो गई। इसके बाद कुलेसरा के पूर्व प्रधान, उसके बेटे तुलसी, दिनेश व रघुनाथ के बेटे सत्यवीर, पत्नी सोना और गांव के जगत सिंह, भोपाल व गोपाल आदि ने साठगांठ करके साल 2006 में ग्राम पंचायत अधिकारी को गलत सूचना देकर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया।
इसके बाद रघुनाथ के बेटे ने खुद का नाम खतौनी और परिवार रजिस्टर में चढ़वा लिया। इसके आधार पर आरोपियों ने मिलकर जमीन करोड़ों में बेच दी। इसकी जानकारी मिलने पीड़ित ने मामले की शिकायत डीएम और एसएसपी से की। मामले की जांच में पता चला कि मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी है।
इस पर आरोपी तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण शर्मा (रिटायर्ड) ने अपनी गलती मानते हुए बीडीओ के समक्ष प्रार्थनापत्र दिया। इसमें स्वीकार किया कि मृत्यु प्रमाणपत्र गलत जानकारी के आधार पर बना था। वहीं, डॉ. प्रमेंद्र की तहरीर पर पुलिस ने रिटायर्ड पंचायत अधिकारी, पूर्व प्रधान और उसके बेटे समेत 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ दिनेश यादव ने बताया कि आरोपियों में एक पूर्व ग्राम प्रधान भी शामिल बताया जा रहा है।