इसे लेकर नाम न लेने की शर्त पर डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि चारों ओर से चल रहे विरोध के बीच डीएमआरसी के तत्कालीन एमडी ई श्रीधरन के कोलकाता मेट्रो के निर्माण के दौरान मिला अनुभव बहुत काम आया। इसके बाद डीएमआरसी ने उन इलाके के लोगों के साथ विशेष बैठक कर अपनी योजना साझा की, जिनके घरों के पास से मेट्रो लाइन गुजरना था।
लोगों के साथ निर्धारित की गई बैठक के पहले चरण में प्रोजेक्ट के मुख्य अभियंता ने लोगों से सीधी बातचीत कर उन्हें हर छोटी-बड़ी जानकारी से अवगत कराया और योजना को विस्तृत रूप से समझाया। इस दौरान लोगों से योजना को लेकर सलाह मशवरा भी लिया गया।
डीएमआरसी के मुताबिक वाजिब समस्या और उचित विकल्प होने पर निर्धारित योजना में बदलाव भी किए गए। इसके बाद सभी की सहमति और हितों का ध्यान रखते हुए दिल्ली मेट्रो की योजना को जन समर्थन के साथ आगे बढ़ाया गया।