होटल और अस्पतालों को भी अब रेड श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रेड श्रेणी के मानकों के पालन के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
इस नोटिस के बाद होटल और अस्पतालों को औद्योगिक इकाइयों की तरह सभी मानकों का पालन करना होगा। इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट (इटीपी) और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मंगलवार तक लगभग सभी इकाइयों को नोटिस भेजा है। अस्पतालों को ईटीपी और एसटीपी दोनों लगाने होंगे। उधर, होटलों को सिर्फ एसटीपी लगाना होगा।
पर्यावरण से जुड़ी तमाम अनुमति उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) से लेनी होगी। पहले अधिकांश अनुमति क्षेत्रीय प्रदूषण कार्यालय से लेनी होती थी। हालांकि, अभी भी यूपीपीसीबी क्षेत्रीय कार्यालय की संस्तुति के आधार पर ही अनुमति देगा।
अतुलेश यादव, क्षेत्रीय अधिकारी(क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नोएडा) ने इस नोटिस के बारे में कहा कि होटल और अस्पतालों को प्रदूषण की दृष्टि से रेड श्रेणी में शामिल करने का निर्णय पिछले साल बोर्ड मीटिंग में लिया गया। लिखित आदेश मिलने के बाद मानकों के पालन के लिए अधिकांश इकाइयों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच समय-समय पर की जाएगी।