राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों के 500 मीटर दायरे में स्थित शराब के ठेकों व पब-बार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हॉस्पिटेलिटी सेक्टर के लोग रविवार को एक ही छत के नीचे जुटे।
इन सभी ने कहा कि वह इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट में नहीं जाएंगे, बल्कि वह राहत के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार का दरवाजा खटखटाएंगे। इस सेक्टर से जुड़े लोगों ने कहा कि कोर्ट के इस निर्णय से उनका तो नुकसान होगा ही, साथ ही सरकार को भी राजस्व का काफी घाटा होगा। वहीं पर्यटन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा।
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मनवीर चौधरी ने कहा कि हम कोर्ट में किसी भी कीमत पर नहीं जाएंगे। हम सीधे सरकार से संपर्क करेंगे। उम्मीद है कि सोमवार को मुख्यमंत्री से इस मसले को लेकर मुलाकात होगी। इसके लिए प्रयास चल रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्री महेश शर्मा के समक्ष भी इस मामले को उठाएंगे। उन्हें बताया जाएगा कि इसका कारोबार ही नहीं, रोजगार व सरकार के राजस्व का कितना नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे के 500 मीटर स्थित पब-बार व ठेका बंद करने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। कोई अपने घर से भी शराब पीकर रोड पर आ सकता है।
कांफ्रेंस के दौरान टूर एंड ट्रेवल एजेंसियों, बार एसोसिएशन व होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के लोग मौजूद रहे। सभी ने इस फैसले को निराशाजनक व पीछे धकेलने वाला बताया। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम बड़ा टूरिज्म हब है, यहां दुनिया भर से लोग आते हैं। गुरुग्राम में साइबर हब वाला कल्चर है।
इसे समाप्त करने से शहर की चमक फीकी पड़ जाएगी। ओबरॉय ग्रुप के अध्यक्ष कपिल चोपड़ा ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार उनकी जरूर सुनेगी। कांफ्रेंस के दौरान सर्वजीत सिंह ने कहा कि गुरुग्राम में अधिकतर पब-बार नेशनल व स्टेट हाईवे के किनारे हैं। अब इन्हें बंद करवा दिया गया है, जो कि शहर की आर्थिक सेहत के लिए ठीक नहीं है।