रेलवे में घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत होती है लेकिन रेल राज्यमंत्री आरपीएफ को एक दो पहिया वाहन देकर अपनी पीथ थपथपा रहे हैं। ये हाल तब है जबकि प्रदेश के उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने रेल दुर्घटना से घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए वाहन की मांग की थी।
ऐसे में सवाल ये उठता है कि दो पहिया वाहन से घायलों को कैसे अस्पताल पहुंचाया जा सकता है। रेल पैसेंजर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दोनों मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एंबलेंस उपलब्ध कराने की मांग की है।
फरीदाबाद के विधायक एवं उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने 22 मार्च 2016 को रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई को पत्र लिखकर ओल्ड फरीदाबाद स्टेशन और उसके आसपास ट्रेनों की चपेट में आने वाले घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एक वाहन उपलब्ध कराने की मांग की थी। क्योंकि अभी एंबुलेंस की सुविधा जीआरपी के पास उपलब्ध है लेकिन जीआरपी की एंबुलेंस कभी घायलों के लिए नहीं मिलती।
करीब एक साल बाद रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई ने उद्योग मंत्री विपुल गोयल को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि रेल दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल भिजवाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ) को मामले की जांच के बाद दोपहिया वाहन उपलब्ध करा दिया गया है। उधर आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त एमएस फारुखी का कहना है कि दो पहिया वाहन गश्त के लिए मिला है। अभी आरपीएफ के पास एंबुलेंस सेवा नहीं है।