बच्चों के इस तरह गायब होने की वारदातों का जब खुलासा होता है तो ये चार वजहें- गोद सूनी होना, यौन शोषण, मानव तस्करी और आपसी रंजिश के चलते बदला लेना सामने आती हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि साल 2012 से 2017 के बीच में 41,394 बच्चे गायब हुए। हालांकि इसमें से कितने बच्चे मिल सके इसका आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है लेकिन यह लगभग 70 प्रतिशत है।
डराने वाले हैं दिल्ली के आंकड़े
- पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में 2017 में 6454 बच्चे गायब हुए थे। इनमें से 3915 लड़कियां और 2535 लड़के शामिल हैं।
- बच्चों के गायब होने के सबसे ज्यादा मामले उत्तर-पूर्वी व उत्तर-पश्चिम दिल्ली में दर्ज हुए हैं।
- इन दोनों ही जिलों से 2016 व 2017 में कुल 732 बच्चे गायब हुए थे।
अभी तक नहीं मिला इन बच्चों का सुराग
- दिल्ली के अमन विहार से तीन मार्च 2018 लापता हुए किशोर का आज तक पता नहीं चल सका है जबकि थाने में मामला भी दर्ज है।
- दिल्ली के प्रेम नगर स्थित अपने घर से दो बहनें दुर्गा और प्रीति अचानक गायब हो गईं लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। दोनों 14 अप्रैल 2017 को लापता हुई थीं।