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डराते हैं दिल्ली में बच्चों के लापता होने के ये आंकड़े, ये हैं चार बड़ी वजह

Tue, 30 Jul 2019 03:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Legal Bites
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दिल्ली की एक निर्माणाधीन इमारत में एक महिला अपने 2 माह के बच्चे के साथ सो रही थी। देर रात करीब 3 बजे उसके बच्चे को कोई उठा ले गया। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस में दी तो पुलिस ने आसपास लगे सभी सीसीटीवी की फुटेज खंगालनी शुरू की।

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दर्जनों सीसीटीवी फुटेज को देखने के बाद पता चला कि एक शख्स महिला के बच्चे को ले जा रहा है। पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि आरोपी युवक भलस्वा डेयरी इलाके का रहने वाला है। पुलिस ने वहां पहुंचकर सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया जिससे पूछताछ के बाद राहुल नाम एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने राहुल से पूछताछ की तो पता चला कि महिला का बच्चा सुरेंद्र की पत्नी के पास है। दरअसल सुरेंद्र को कोई बच्चा नहीं था तो राहुल और उसकी पत्नी पिंकी ने बच्चा अगवा करने की योजना बनाई। दिल्ली में ये अकेली घटना नहीं है। इस तरह की बच्चा चोरी करने की वारदात राजधानी में दिनों-दिन बढ़ती जा रही है।

राज्यसभा में उठा मामला, हर 8 मिनट में एक बच्चा होता है गायब

देश में बच्चों के गायब होने की समस्या कितनी गंभीर है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते गुरुवार को देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा में भी ये मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस के टी. सुब्बारामी रेड्डी ने गहरी चिंता जताते हुए जांच के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाने की भी मांग की। रेड्डी ने शून्यकाल के दौरान सदन में यह बताया कि हर आठ मिनट में एक बच्चा गायब होता है। दिल्ली में हर दिन बच्चे लापता हो रहे हैं। रेड्डी ने ये भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं और बाल विकास मंत्रालय की ओर से भी कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं लेकिन ये मामले नहीं रुक रहे।

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बच्चों के गायब होने की ये होती हैं 4 बड़ी वजहें

बच्चों के इस तरह गायब होने की वारदातों का जब खुलासा होता है तो ये चार वजहें- गोद सूनी होना, यौन शोषण, मानव तस्करी और आपसी रंजिश के चलते बदला लेना सामने आती हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़े देखें तो पता चलता है कि साल 2012 से 2017 के बीच में 41,394 बच्चे गायब हुए। हालांकि इसमें से कितने बच्चे मिल सके इसका आंकड़ा तो उपलब्ध नहीं है लेकिन यह लगभग 70 प्रतिशत है।

डराने वाले हैं दिल्ली के आंकड़े

  • पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में 2017 में 6454 बच्चे गायब हुए थे। इनमें से 3915 लड़कियां और 2535 लड़के शामिल हैं।
  • बच्चों के गायब होने के सबसे ज्यादा मामले उत्तर-पूर्वी व उत्तर-पश्चिम दिल्ली में दर्ज हुए हैं।
  • इन दोनों ही जिलों से 2016 व 2017 में कुल 732 बच्चे गायब हुए थे।

अभी तक नहीं मिला इन बच्चों का सुराग

  • दिल्ली के अमन विहार से तीन मार्च 2018 लापता हुए किशोर का आज तक पता नहीं चल सका है जबकि थाने में मामला भी दर्ज है।
  • दिल्ली के प्रेम नगर स्थित अपने घर से दो बहनें दुर्गा और प्रीति अचानक गायब हो गईं लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। दोनों 14 अप्रैल 2017 को लापता हुई थीं।
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