जाट आंदोलन की आग में जले हरियाणा के लिए जाट नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा है कि हुड्डा शांति का झूठा नाटक कर रहे हैं।
जाट संघर्ष समिति के आला नेताओं ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में आरोप लगाया कि हुड्डा केवल घडिय़ाली आंसू बहाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
जबकि जाट समुदाय के साथ धोखा करने वाले भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं। वहीं, जाट आरक्षण की मांग को मानने पर उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ बसपा सुप्रीमो मायावती के समर्थन पर आभार जताया।
सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम कटारिया ने आंदोलन में सभी मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये और सरकारी नौकरी देने के साथ कमेटी बनाकर हुए नुकसान का आकलन करने की मांग की।
उन्होंने सभी जाट नेताओं को आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवारों को समिति की तरफ से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मलिक ने कहा कि आरक्षण के मामले में धोखा नहीं होना चाहिए। अगर सरकार बजट सत्र में विधानसभा में बिल नहीं लाती है तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मलिक ने कहा कि पिछली सरकार के धोखा का नतीजा इस सरकार को भुगतना पड़ा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जाट समुदाय को धोखा दिया है। जाटों के साथ अन्य जातियों को जोड़ दिया।