देश की अग्रणी दुपहिया वाहन कंपनी होंडा के आईएमटी मानेसर सेक्टर-3 स्थित प्लांट में मंगलवार सुबह अनुबंधित कर्मचारियों को हटाने व उन्हें गेट पर ही रोकने से हंगामा हो गया। विरोध में श्रमिक गेट पर तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए। कंपनी में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज श्रमिकों ने अंदर मौजूद सहकर्मियों को गेट से बाहर नहीं निकलने दिया। इससे कंपनी के बाहर व अंदर तनाव की स्थित उत्पन्न हो गई।
श्रमिकों ने नारेबाजी कर काम बंद कर दिया। हंगामा देखकर कंपनी के आसपास सुरक्षा बल तैनात किया गया है। मौके पर पहुंचे कंपनी अधिकारियों ने उन्हें समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। फिलहाल कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप है। कंपनी गेट पर करीब एक हजार से अधिक कर्मचारी डेरा डाले हुए हैं।
होंडा कंपनी में मंगलवार को पहली शिफ्ट की छुट्टी होने व दूसरी शिफ्ट के श्रमिकों को गेट पर ही रोक देने से विवाद बढ़ गया। कंपनी प्रबंधन ने अनुबंधित कर्मचारियों को निकाले जाने का फरमान गेट पर ही सुना दिया, जिससे श्रमिक भड़क गए।
यूनियन के प्रधान सुरेश गौड़ ने बताया कि कंपनी कई दिनों से 100 से 150 कर्मचारियों को हटाती जा रही है। मंगलवार सुबह 10.30 बजे करीब 150 कर्मचारियों को हटाने को आदेश जारी कर दिया। कंपनी प्रबंधन से कई बार बात भी हुई, लेकिन ठोस नतीजा नहीं निकला।
नियमानुसार काम नहीं कर रहे
कंपनी प्रबंधन की ओर से डिवीजन हैड नवीन शर्मा का कहना है कि कर्मचारियों का वेतनमान बढ़ाए जाने पर उन्हें नियमानुसार और अनुशासन में रहकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि नियमित कर्मचारी वेतनमान के बावजूद नियमानुसार आठ घंटे काम नहीं कर रहे हैं, इस कारण होंडा के दूसरे प्लांट के मुकाबले मानेसर प्लांट का उत्पादन कम हो रहा है।