न्यायखंड-3 में ईडब्ल्यूएस मकान तोड़े जाने पर यहां रह रहे अन्य लोगों को अपना आशियाना छिनने का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को रजिस्ट्री की मांग के लिए होने वाले अनशन को पुलिस ने रोक दिया।
गुस्साए लोगों ने रविवार को काला पत्थर पार्क में बैठक कर मकान तोड़े जाने की निंदा की। इसके साथ ही महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने अनशन की रणनीति तैयार की।
ईडब्ल्यूएस मकानों की रजिस्ट्री के साथ ही अन्य मांगों को लेकर रविवार को महानगर कांग्रेस कमेटी के साथ इलाके के आवंटी अनशन पर बैठने वाले थे। मगर पुलिस ने प्रशासन से इजाजत नहीं मिलने पर अनशन पर रोक लगा दी।
इसके बाद कांग्रेस के पदाधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट से मिलने गए। रविवार होने के कारण उनकी मुलाकात नहीं हो पाई। अब ये लोग सोमवार को जीडीए से मुलाकात कर अनशन पर बैठने के लिए अनुमति लेंगे।
बैठक में महानगर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सलीम सैफी ने कहा की जीडीए की मनमानी के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। बैठक में सलीम सैफी, मानव रंजन बिरा, मोहन लाल, एमके मिश्रा, मनोज कुमार, किशोर ठाकुर, राजामोहन, शिवकुमार, राजीव कुमार आदि मौजूद रहे।
5000 परिवारों पर खतरा
न्यायखंड में करीब 5000 फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं कराई गई है। ऐसे में पिछले दिनों एक फ्लैट तोड़े जाने पर इलाके के अन्य लोग भी डर गए हैं।
लोगों का कहना है कि कल हमारे साथ भी ऐसा हो सकता है। इतनी सर्दी में जीडीए लोगों से मकान खाली करा रहा है, जो फ्लैट लोगों को रहने के लिए दिया जा रहा है, वह भी रहने लायक नहीं है।