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गुड़गांव बनेगा देश का रोल मॉडल: रिजिजू

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पूर्वोत्तर के लोगों पर लगातार हमलों को गृह मंत्रालय ने गंभीरता से लिया है। गुड़गांव में दो युवकों पर हुए हमले के बाद गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर वासियों की सुरक्षा के लिए एमपी बेजबरुआ कमेटी की सिफारिश लागू करने की मंशा जाहिर की है।
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इसके तहत गुड़गांव को मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा। उसके बाद इस मॉडल को देश के अन्य महानगरों में पूर्वोत्तर वासियों की सुरक्षा के लिए लागू किया जाएगा। यह कहना है केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू का।

शनिवार को यहां मीडिया से बातचीत में रिजिजू ने कहा कि गुड़गांव में पूर्वोत्तर के दो युवकों पर हुए हमले के मसले पर उन्होंने गुड़गांव पुलिस से भी बात की है। पूर्वोत्तर के लोगों पर पिछले एक हफ्ते में देश के तीन महानगरों में जिस तरीके के हमले हुए हैं, वह हैरान करने वाले हैं।
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द‌िल्ली की तर्ज पर शुरू होगी हेल्पलाइन

र‌िजेजू कहा कि दिल्ली-एनसीआर के शहर गुड़गांव में पूर्वोत्तर के लोगों को ऐसी घटनाओं से बचाने के लिए एक मॉडल की शुरुआत की जा रही है, जिसमें पुलिस हेल्पलाइन नंबर, विशेष पुलिस फोर्स का गठन करने के अलावा पुलिस में पूर्वोत्तर के लोगों के लिए अलग से सेल बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि एमपी बेजबरुआ कमेटी की सिफारिश को लागू किया जाएगा, जिसमें इन सभी बिंदुओं का जिक्र है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को लेकर वे व्यक्तिगत तौर पर कार्य कर रहे हैं।

गृह मंत्रालय नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी(एनएसए) के साथ मिलकर इन मामलों की समीक्षा कर रहा है। गुड़गांव पुलिस के आश्वासन के बाद जल्द ही पूर्वोत्तर के लोगों के लिए यह सुरक्षा व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी।

दिल्ली की तर्ज पर हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत भी होगी। उन्होंने कहा कि गुड़गांव मॉडल के आधार देश के अन्य शहरों (बंगलूरू, मुंबई, चंडीगढ़ समेत अन्य) में इस मॉडल को अपनाया जाएगा।

बेजबरुआ कमेटी की सिफारिश

फरवरी में राजधानी दिल्ली में पूर्वोत्तर के छात्र निडो तानिया की मौत के बाद एमपी बेजबरुआ कमेटी ने रिपोर्ट तैयार की, जिसमें देशभर में रह रहे पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा विशेष तौर पर महानगरों में उनके सुरक्षा इंतजामों को लेकर मौजूदा मसौदा तैयार किया था।

इसमें हेल्पलाइन नंबर जारी करने, विशेष पुलिस फोर्स का गठन करने, पूर्वोत्तर के लोगों के लिए विशेष सेल का गठन करने के अलावा सांस्कृतिक सामंजस्य की मांग की गई थी।

मोदी सरकार में 11 जुलाई 2014 ने बेजबरुआ कमेटी ने गृह मंत्रालय को सिफारिश सौंपी थी, जिस पर गृह मंत्रालय ने अबतक कोई निर्णय नहीं लिया था।

गुड़गांव पुलिस की कार्रवाई से गृह मंत्रालय संतुष्ट

गुड़गांव के सिकंदरपुर मार्केट में तीन दिन पहले पूर्वोत्तर के दो युवकों के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्रालय ने संतोष जताया है। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मामले में पांच में से फरार दो आरोपियों के भी जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

बुधवार की रात सिकंदरपुर मार्केट में पूर्वोत्तर के दो युवकों पर हुए हमले के बाद गृह मंत्रालय ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। घटना के तीन दिन बाद शनिवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू गुड़गांव पहुंचे।

उन्होंने गुड़गांव पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए पूरे मामले की जानकारी ली, जिसमें जिला उपायुक्त शेखर विद्यार्थी और पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने पूरी घटना के बारें में जानकारी दी, जिसमें गृह राज्य मंत्री पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नजर आए।
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'पुलिस की कार्रवाई बेहद अच्छी रही'

मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि पूरे मामले की समीक्षा के बाद गुड़गांव पुलिस की कार्रवाई बेहद अच्छी रही। उन्होंने कहा कि इस मामले में पांच आरोपियों में से तीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जल्द ही फरार दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लेगी।

गृहराज्य मंत्री ने दोनों पीड़ित युवकों के बारे में भी हालचाल लिया। हालांकि दोनों युवकों को दिल्ली स्थित मणिपुर हाउस में भेज दिए जाने से वे मिल नहीं पाए। लेकिन जानकारी लेने के बाद उन्होंने बताया कि दोनों युवक अब बिल्कुल स्वस्थ हैं।

पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने कहा कि इस मामले को लेकर पुलिस पूरी गंभीरता बरत रही है। गुड़गांव में पूर्वोत्तर बाहुल्य क्षेत्र में चौकसी के इंतजाम बढ़ाने के अलावा पूरी निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि गृह राज्यमंत्री के आदेश के बाद जल्द ही हेल्पलाइन नंबर शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर के लोगों के लिए अलग से सेल का गठन भी किया जा रहा है।
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