केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली के सभी इलाकों में कोरोना वायरस की डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग को रोकने का फैसला किया है ताकि इसे प्राथमिकता से कंटेनमेंट जोन में किया जा सके। दिल्ली सरकार ने केंद्र के निर्देशों पर 6 जुलाई तक 35 लाख से अधिक घरों की डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करने का निर्देश दिया था।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग प्राथमिकता के आधार पहले कंटेनमेंट जोन में की जाएगी। यह प्रक्रिया 6 जुलाई तक पूरी की जाएगी, पहले इसे 30 जून तक पूरा किया जाना था। कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 435 हो जाने की वजह से स्क्रीनिंग की अवधि को आगे बढ़ाया गया है। इसके बाद पूरी दिल्ली में डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग की जाएगी।
कोरोना की स्क्रीनिंग के लिए 11 जिलों में टीमें तैनात
जानकारी के मुताबिक 27 जून को दिल्ली में कोरोना वायरस की स्क्रीनिंग को लेकर दिल्ली सरकार ने हर जिले में 100 टीमें तैनात की थी। सभी 11 जिलों में 1100 टीमें तैनात की गई थीं। हर टीम में दो सदस्य हैं, जो घर-घर जाकर सर्वे का काम करेंगे। इनमें एएनएम और आशा वर्कर शामिल हैं।
जिन जिलों में संक्रमण ग्रस्त रोगी ज्यादा नहीं हैं, वहां दिल्ली सरकार ने इसमें निगम कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया। 6 जुलाई तक सर्वे की प्रक्रिया को पूरा करने की डेटलाइन भी दी गई थी । हर टीम के पास एक टैबलेट है जिसमें जानकारी ऑनलाइन ही क्षेत्र से भेजी जाएगी और दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर यह प्रदर्शित होगी। इसके लिए एसएस कोरोना एप तैयार किया गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आशा और एएनएम कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। जरूरत के अनुसार सर्वे के लिए निगम के शिक्षक, कर्मचारी और निगम के जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की स्थानीय स्तर पर मदद ली जा सकती है। दरअसल केंद्रीय गृह मंत्रालय की बैठक में दिशा-निर्देश मिलने के बाद 30 जून तक सभी कंटेनमेंट जोन और 6 जुलाई तक दिल्ली के सभी क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।