गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को विज्ञान भवन में आयोजित प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंर्तगत दिल्ली पुलिस की महत्वकांक्षी युवा कौशल योजना का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग्यता, प्रतिभा व क्षमता महलों में ही नहीं, बल्कि झुग्गी-झोपड़ी व गांव गलियारों में बसती है। झुग्गी-झोपड़ी के गलत रास्ते पर भटके युवकों को सही रास्ते पर लाना हमारी जिम्मेदारी है।
गृहमंत्री ने कहा कि बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देना छोटा काम नहीं है। इस क्षेत्र में दिल्ली पुलिस बड़ी भूमिका निभा रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के प्रति लोगों का नजरिया बदल रहा है। उन्होंने रिमोर्ट से युवा कौशल योजना का उद्घाटन किया।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस को अन्य राज्यों की पुलिस को नजर बताते हुए कहा कि 21वीं सदी की पुलिस ऐसी ही होनी चाहिए, जो अपने काम केअलावा सामाजिक दायित्व भी निभाए। बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देना आसान काम नहीं है। ये अच्छी बात है कि दिल्ली पुलिस बच्चों को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर खुद को 21वीं सदी में ले जा रही है। जो दिखता है उससे ही पुलिस की छवि बनती है। दिल्ली पुलिस ने खुद को 21वीं सदी में लाने के लिए अपने में परिवर्तन किया है।
उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास जीतना पुलिस की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। अब दिल्ली पुलिस की छवि बदलने लगी है। पुलिस की छवि सिपाही व सब-इंस्पेक्टर के हाथ में होती है। जैसी छवि वह बनाते है वैसी ही बनती है। हालांकि पुलिस केपास सीमित संसाधन हैं। पुलिस ने जिस तरह से 13 जिलों में 1500 बच्चों में से 2269 बच्चों का कौशल विकास के लिए सलेक्शन किया है वह सराहनीय कार्य किया है। पुलिस गलत रास्ते पर भटके बच्चों को सही रास्ते पर ला रही है।