कहा- 2020 में ट्रंप की यात्रा के दौरान राजनीतिक टूलकिट का इस्तेमाल किया गया, दंगों पर लगातार दूसरे दिन चर्चा, आप नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोपअमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में सोमवार के बाद मंगलवार को भी वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों को लेकर चर्चा हुई। भाजपा विधायकों ने हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) नेतृत्व पर सवाल उठाए। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने दंगों के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि हिंसा के पीछे सुनियोजित राजनीतिक साजिश थी।
सूद ने कहा कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (उस समय भी ट्रंप राष्ट्रपति थे) की भारत यात्रा के दौरान दिल्ली में हिंसा इस तरह अंजाम दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि प्रभावित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे एक राजनीतिक टूलकिट काम कर रही थी, जिसमें पहले नैरेटिव तैयार करना, लोगों को लामबंद करना, समन्वय, हिंसा या उकसावे और बाद में पीड़ित होने का दावा करना शामिल था।
गृह मंत्री ने आप के वरिष्ठ नेताओं पर पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का बचाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और विधायक अमानतुल्लाह खान के पुराने बयानों का हवाला देते हुए पार्टी के राजनीतिक मापदंड पर सवाल उठाए। सूद ने कहा कि एक ओर आप नेतृत्व दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा की बात करता था, वहीं दूसरी ओर ताहिर हुसैन के पक्ष में बयान दिए गए।
सूद ने दिसंबर 2019 से फरवरी 2020 तक के घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि 22-23 फरवरी को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास प्रदर्शन और सड़क अवरोध के बाद मौजपुर-जाफराबाद में तनाव बढ़ा। 24 फरवरी को कई इलाकों में आगजनी, पथराव और पेट्रोल बम हमले हुए। इसी दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हुई। 25 फरवरी को आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या का भी उन्होंने उल्लेख किया।