होमगार्ड की ड्यूटी का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर अवैध निकासी के मामले में लखनऊ की तीन सदस्यीय टीम ने रविवार को थानों में कागजात की जांच की। लखनऊ से आए तीन अधिकारियों की टीम ने कोतवाली फेज थ्री व सेक्टर-39 में जाकर प्रपत्रों को छानबीन की।
टीम नोएडा के उन सभी थानों में जाकर जांच करेगी जिनमें होमगार्ड की तैनाती के दौरान फर्जी मस्टर रोल बनाने का आरोप लगा है। इन थानों में होमगार्ड की तैनाती के दौरान नोएडा पुलिस ने अनियमितता पकड़ी थी।
दरअसल, नोएडा में फर्जी मस्टर रोल घोटाले खुलासे के बाद इसकी जांच प्रदेश स्तर पर चल रही है। रविवार को डीजी होमगार्ड मुख्यालय में तैनात सीनियर स्टाफ अफसर (एसएसओ) सुनील कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम कोतवाली फेज थ्री में करीब पांच घंटे से अधिक समय तक कागजात की जांच की। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एसएसओ की टीम थाने पहुंची और करीब पांच बजे के बाद वहां से निकली। इससे पहले कोतवाली सेक्टर-39 में भी टीम ने जांच की।
गौरतलब है कि जुलाई 2019 में होमगार्ड के एक प्लाटून कमांडर ने वेतन निकासी में अनियमितता की शिकायत एसएसपी से की थी। जब इसकी जांच कराई गई तो पता चला था कि वेतन निकासी में घपला किया गया है। जांच में पता चला कि होमगार्ड की ड्यूटी के फर्जी मस्टर रोल बनाकर अवैध निकासी की जाती थी।
इसमें तत्कालीन जिला होमगार्ड कमांडेंट रामनारायण चौरसिया की सहमति होती थी। इसके बाद पुलिस की टीम ने तत्कालीन जिला कमांडेंट (अब मंडलीय कमांडेंट, अलीगढ़) रामनारायण चौरसिया, सहायक जिला कमांडेट सतीश चंद, अवैतनिक प्लाटून कमांडरों सत्यवीर यादव, शैलेंद्र कुमार और मोन्टू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तार रामनारायण चौरसिया वर्ष 2017 से 19 तक गौतमबुद्धनगर के जिला कमांडेंट थे।