ट्रैफिक पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम कर रहे हरियाणा गृहरक्षी बल (होमगार्ड) के जवान पिछले आठ माह से बिना वेतन काम कर रहे हैं।
आर्थिक बेहाली से इनके परिवार को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रहीं हैं। इनका कहना है कि वह रोजाना 10 से 12 घंटे की ड्यूटी निभाने हैं।
फिर भी महकमे की ओर से उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। वेतन नहीं मिलने बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो गया है।
वेतन नहीं मिलने से प्रभावित तकरीबन 200 होमगार्ड जवान अब तक पुलिस कमिश्नर से तीन बार मुलाकात कर चुके हैं। सोहना से गुड़गांव ड्यूटी करने आते जवान अनिल ने बताया कि पुलिस अधिकारी कहते हैं कि उनको वेतन देने के लिए बजट नहीं है।
बुधवार को बड़ी संख्या में होमगार्ड के जवानों ने कमांडेंट सुरेंदर से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही उनका वेतन मिल जाएगा। एक अन्य जवान राकेश ने बताया कि पहले उनकी ड्यूटी वहीं होती थी जहां वह रहते थे।
अब मेवात, पलवल, सोहना और पटौदी वालों की ड्यूटी गुड़गांव शहर में ट्रैफिक संभालने के लिए लगा दी गई है। इस कारण रोजाना आना-जाना काफी मुश्किल हो गया है।
जवान भूपेश कुमार ने कहा कि बार-बार मांग के बाद भी आईकार्ड जारी नहीं किया गया है। बसों में जब बिना टिकट सफर के लिए आईकार्ड मांगा जाता है। फूल सिंह ने कहा कि अब तो आलम यह है कि घर का पैसा लगा कर ड्यूटी करनी पड़ रही है।