कोरोना की बंदिशें खत्म होने के बाद इस साल की होली ने दिल्ली के कारोबार में जान डाल दी है। पिछले साल की तुलना में आए करीब 30 फीसदी के उछाल से उम्मीद जताई जा रही है कि अप्रैल-मई की शादियों का सीजन भी कारोबार के लिहाज से बेहतर रहेगा। खास बात यह कि चीन निर्मित सामान की आवक कम होने से घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पिछले दो साल से बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था होली की खरीदारी से पटरी पर लौट आई है। इससे व्यापारियों व फैक्टरी संचालकों को और अधिक उत्पादन करने के लिए प्रेरित कर रहा है। चीनी सामान का न केवल व्यापारियों ने बल्कि आम लोगों के बहिष्कार करने से देश में निर्मित उत्पाद को लेकर भी आस जगी है। व्यापारियों का कहना है कि होली मिलन समारोह की वजह से जमकर खरीदारी हुई।
होली मिलन समारोह ने दिया सभी को रोजगार
कोरोना प्रतिबंधों के कारण आम व्यापार को नुकसान हुआ। वहीं, सेवा क्षेत्र लगभग खत्म ही हो गया था, लेकिन इस वर्ष कोविड प्रतिबंध समाप्त होने के बाद दिल्ली सहित देशभर में होली समारोहों का आयोजन हुआ। इससे बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, होटल, रेस्तरां, सार्वजनिक पार्कों में होली समारोहों आयोजनों की भरमार रही और इस सेक्टर ने दो वर्ष के बाद अच्छा व्यापार किया। आयोजन उद्योग से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि दिल्ली में करीब 3000 होली मिलन समारोह आयोजित हुए। इसका बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा है।
अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत
व्यापार ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू की है। यह देश की अर्थव्यवस्था की लिए एक शुभ संकेत है। चीन निर्मित सामान का व्यापारियों और ग्राहकों ने बहिष्कार किया। केवल भारत में ही निर्मित हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे, चंदन, पूजा सामग्री, परिधान सहित अन्य सामानों की जमकर बिक्री हुई। वहीं, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट, गिफ्ट आइटम, फल, फूल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना सहित अन्य उत्पादों का बड़ा व्यापार भी हुआ।
- प्रवीण खंडेलवाल, महामंत्री कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
होली की रौनक को देखते हुए उम्मीद है कि बाजार पहले से बेहतर होगा। अगले महीने से शादी समारोह शुरू होंगे। कोरोना संक्रमण की स्थिति सामान्य रही तो दिल्ली की चरमराई हुई अर्थव्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। स्वदेशी की खरीदारी से यह भी उम्मीद है कि घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। अगले महीने से दिल्ली के सभी स्कूल भी खुल जाएंगे। इससे फैक्टरी में उत्पादन बढ़ेगा। स्कूल-कॉलेज बंद रहने की वजह से कई उत्पादन इकाइयों पर ताला लग गया था।
- शशि महाजन, संयुक्त सचिव कन्फेडेशन ऑफ ऑल इंडिया माइक्रो एंड स्मॉल स्केल इंडस्ट्री