रंगों के मोटे कणों के आंखों में प्रवेश करने से आंखों की सत्तह पर खरोंच लग जाने से उसे तेज दर्द होता है जिसके कारण धुंधला दिखाई देता है।
वहीं बत्रा अस्पताल के डॉ डीएन झा का कहना है कि अपनी आंखों की सुरक्षा के रंगों से खेलते समय चश्में या सनग्लासिस का इस्तेमाल करना चाहिए। जो लोग लैंस का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें होली खेलते समय लैंस हटा देने चाहिए।
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल के डर्मिटोलॉजिस्ट डॉ अतुल कोचर का कहना है कि बताया कि अपनी त्वचा की रक्षा के लिए सबसे पहले तो हमें सिंथेटिक रंगों की बजाय प्राक्रतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि इन रंगों का हमारे शरीर पर को प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
इसके अलावा ऐसे कपड़ों का चयन करना चाहिए जो हमारे शरीर को पूरी तरह से ढकें। इसके अलावा होली खेलना शुरू करने से पहले खूब पानी पीना चाहिए ताकि त्वचा को डीहाइड्रेशन से बचाया जा सके।
जो त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाता है। इससे बचने के लिए शरीर पर तेल, मॉश्चराइजर, होंठों पर बाम और नाखूनों पर नेल पॉलिश का इस्तेमाल करना चाहिए।