हर्बल रंग और गुलाल की मांग अधिक
बाजारों में रासायनिक की जगह हर्बल रंग व गुलाल की सर्वाधिक मांग है। वहीं, गुब्बारे और पिचकारी की मांग पिछले वर्ष के मुकाबले 30 प्रतिशत तक अधिक है। सदर बाजार के दुकानदार अभिषेक जैन ने बताया कि इस बार बाजार में अलग-अलग तरह की पिचकारी, गुब्बारे और अन्य आकर्षक आइटम आए हुए हैं। प्रेशर वाली पिचकारी 100 रुपये से 350 रुपये तक की उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि राम मंदिर के चलते इस बार व्यापारी सबसे ज्यादा अयोध्या से खरीदारी करने पहुंच रहे है। इससे कारोबार चार गुना बढ़ गया है। इसके अलावा राजनीति चहरों से संबंधित पिचकारियों की भी बाजार में धूम मची है। वहीं, गुलाल के स्प्रे की मांग है। मोदी टैंक पिचकारी भी खूब पसंद की जा रही है।
शुगर फ्री गुझिया का दाम
देशी घी से निर्मित खोवा, सूजी, बूंदी, बेक्ड, मावा-चासनी, मावा-बूंदी की गुझिया लोगों की पसंद बनी हुई है। शुगर फ्री गुझिया का दाम 650 से 800 रुपये प्रति किलो है। वहीं, मूंगदाल बर्फी, काजू कतली भी दुकानों पर सजी हैं। ड्राईफ्रूट की कीमत 600 से 2400 रुपये तक है।